2नई दिल्ली: साल 2019 में CAA के पारित होने के बाद देशभर में इसका विरोध होने लगा था. समाज दो तबके में बंट गया था. एक बड़े तबके ने इसे मुस्लिमों के खिलाफ बताया था, जिसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर सक्रिय रूप से शामिल थीं. यही वजह है कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2024 की अधिसूचना जारी होने के बाद स्वरा भास्कर के वीडियो और बयान फिर से सुर्खियों में आ गए.
स्वरा भास्कर सहित तमाम लोगों ने साल 2019 में सरकार पर आरोप लगाया था कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के जरिये NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन ) और NPR (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) लाकर सरकार मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव करना चाहती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक्ट्रेस ने तब एक बातचीत में कहा था. बड़ी शख्सियतों ने देश की एकता की बात की थी. इस आधार पर, संविधान ने हमें हमारे अधिकार दिए, लेकिन एक शख्स देश की एकता और संप्रभुता का सपना नहीं देखता था और वह शख्स था- मोहम्मद अली जिन्ना. उसने देश को मारा. अब देश में जिन्ना को पसंद करने वाले नए लोग पैदा हुए हैं, जो एक और बंटवारा चाहते हैं.’
CAA मुद्दे पर जब सरकार को घेरने की हुई कोशिश
स्वरा भास्कर ने सरकार पर सीधा हमलावर होते हुए कहा था, ‘यह सरकार लोगों की समस्याएं सुलझाने में सफल नहीं हुई, तो यह सीएए, एनआरसी और एनपीआर जैसे कानून बनाने में जुट गई.’ गौरतलब है कि भारत सरकार सीएए के नियमों के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का शिकार बने गैर-मुस्लिम शरणार्थियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को नागरिकता देने जा रही है. वे अब इस कानून की बदौलत अवैध प्रवासी नहीं कहलाएंगे. शरणार्थी नागरिकता पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.
शरणार्थियों के बीच खुशी की लहर
मोदी सरकार के इस पहल की चौतरफा तारीफ हो रही है, हालांकि सीएए को लेकर गलत बयानबाजी भी शुरू हो गई है. रणवीर शौरी ने CAA को लेकर दुष्प्रचार पर तंज भी कसा है. पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों ने दिल्ली में मोदी सरकार के सीएए लागू करने के निर्णय की सराहना की है, लेकिन चुनाव से कुछ वक्त पहले किए निर्णय को विपक्षी पार्टियां और एक बड़ा तबका सियासत बता रहा है.










