संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं की जगह बहू को मिला मंच!

सीहोर,ईएमएस।

एक ओर भाजपा वंशवाद के खिलाफ मुखर है, दूसरी ओर उसी पार्टी के दिग्गज नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की बहू अमानत चौहान का रविवार को भाजपा के स्थापना दिवस कार्यक्रम में राजनीतिक मंच पर पदार्पण, कार्यकर्ताओं के बीच सवालों का कारण बन गया है। रविवार को भैरूंदा में आयोजित कार्यक्रम में अमानत चौहान ने पार्टी के स्थापना दिवस पर न केवल मंच साझा किया, बल्कि जनता को संबोधित करते हुए खुद को बेटी के रूप में सेवा करने वाली बताया। वहीं, कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे वंशवाद की शुरुआत मानते हुए दवी जुवान में सवाल उठाए कि सड़कों पर संघर्ष हमने किया और मंच बहू को मिल गया?

पार्टी में चर्चा तेज है कि यह केवल एक औपचारिक मौजूदगी नहीं, बल्कि चौहान परिवार की अगली राजनीतिक पीढ़ी की बुनियाद रखने की कोशिश है। अमानत चौहान, शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की पत्नी हैं और यह उनका पहला सार्वजनिक राजनीतिक भाषण था। दिलचस्प बात यह है कि खुद शिवराज सिंह चौहान वंशवाद के आलोचक रहे हैं। कई मौकों पर उन्होंने वंशवाद को लोकतंत्र के लिए घातक बताया है। ऐसे में अपनी ही बहू की सार्वजनिक राजनीति में एंट्री से उठते सवालों पर पार्टी अब बैकफुट पर नजर आ रही है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं में गुस्सा

कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन्होंने वर्षों तक संगठन को खड़ा किया, वो आज भी मंच के नीचे खड़े हैं। मंच पर जगह मिली तो परिवार के सदस्य को। एक स्थानीय नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अगर वंशवाद नहीं है तो फिर इसे क्या कहा जाए? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो अमानत चौहान की यह मौजूदगी एक संकेत है कि चौहान परिवार अब राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि शिवराज सिंह, जो हमेशा परिवारवाद के विरोधी रहे हैं, अब इस आलोचना से कैसे निपटते हैं।

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