समाजवादी पार्टी में आम चुनाव से पहले तूफान आ गया है. मुरादाबाद और रामपुर में नामांकन का आखिरी दिन है, लेकिन अब तक साफ नहीं है कि इन दोनों सीटों से चुनाव कौन लड़ेगा. पहले मौजूदा सांसद एसटी हसन को टिकट मिला, फिर उनकी जगह रुचि वीरा को उतारने की बात हुई और फिर उन्हें नामांकन से रोक दिया. अब फिर से नए नाम पर मंथन चल रहा है. इधर, रामपुर में भी हालात ठीक नहीं लग रहे हैं. रामपुर जिला ईकाई में आजम खान समर्थकों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है.
लोकसभा चुनाव में पहले चरण के नामांकन का आज आखिरी रोज है. कुछ घंटे बाद समय समाप्त हो रहा है. इससे पहले यूपी में समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर टेंशन और कन्फ्यूजन बढ़ गया है. मुरादाबाद में पार्टी ने 24 घंटे में दो उम्मीदवार बदल दिए हैं. असमंजस अभी भी बरकरार है. रामपुर में भी उम्मीदवार तय नहीं है. मेरठ में भी उम्मीदवार बदला जा सकता है.
चुनावी सीजन में यूं तो टिकट पर टकराव हर जगह और हर पार्टी में नजर आता है. नेताओं के रूठने-मनाने का सिलसिला भी चलता रहता है लेकिन इस बार के चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अंदर ही टिकट को लेकर लड़ाई चल रही है. खासकर रामपुर और मुराबादबाद में ऐसी हालत बन गई है कि समाजवादी पार्टी के दो धड़े एक-दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतर चुके हैं. आखिरी दिन रामपुर से नामांकन के लिए दिल्ली से इमाम को बुलाया गया है. चार्टर्ड विमान लखनऊ से लेकर मुरादाबाद नामांकन के लिए भेजा गया है. उधर, शिवपाल सिंह यादव को सीतापुर जेल भेजा गया है ताकि वो नाराज आजम खान को मना सकें. इसी बीच एक खबर है कि रामपुर के सपा जिलाध्यक्ष असीम राजा ने भी एक नामांकन पत्र खरीदा है.
मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी दो फाड़ हो गई है. नाराज कार्यकर्ताओं ने एसटी हसन का टिकट काटे जाने पर पूर्व विधायक रुचि वीरा का पुतला फूंका और वापस जाओ के नारे लगाए. देखते ही देखते मुरादाबाद की फिजा बदल गई. रुचि को आजम खान की करीबी समझा जाता है. सोमवार को जब एसटी हसन नामांकन के बाद मीडिया से मुखातिब थे तब तक मुरादाबाद में चर्चा जोर पकड़ चुकी थी कि भले ही उन्होंने पर्चा दाखिल कर दिया है लेकिन उनकी उम्मीदवारी पर संकट के बादल हैं.
‘मुरादाबाद में सपा में गुटबाजी हावी’
अपनी जगह रुचि वीरा को उम्मीदवार बनाने की खबरों को अफवाह बताकर एसटी हसन आगे तो बढ़ गए लेकिन कुछ घंटे बाद ही रुचि वीरा ने आजतक से बातचीत में खुलासा किया कि पार्टी हाईकमान ने मुरादाबाद से उन्हें सिंबल दे दिया है और वो आज नामांकन भरेंगी. एसटी हसन समर्थकों को जैसे ही इसकी खबर लगी वो प्रदर्शन पर उतर आए. रुचि वीरा के खिलाफ नारेबाजी की गई. पुतला फूंका गया. आजम खान के दबाव में एचटी हसन से टिकट छीनकर रुचि वीरा को दिया गया है. इस पर रुचि वीरा ने आजतक से कहा कि शायद एंटी इन्कम्बेंसी के खतरे से बचने के लिए एचटी हसन की जगह उन्हें उम्मीदवार बनाया गया हो.
मंगलवार को रुचि वीरा नामांकन दाखिल करने की तैयारी में थीं, इस बीच पार्टी ने रुचि वीरा को नामांकन से रोक दिया और नए नाम पर विचार किए जाने की बात कही है. दोपहर एक बजे रुचि वीरा भी नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए पहुंचीं. जब उनसे पूछा गया कि क्या आप ही सपा से उम्मीदवार हैं? इस पर उन्होंने कहा कि ये बात पार्टी अध्यक्ष ही बता पाएंगे. नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा होती है, उसी को ध्यान में रखकर नॉमिनेशन फाइल करने के लिए पहुंची
यानी नामांकन खत्म होने से पहले समाजवादी पार्टी खेमा मुरादाबाद में दो-फाड़ हो गया. सबसे दिलचस्प बात ये कि समाजवादी पार्टी की तरफ से आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ नहीं गई.
‘रामपुर में भी असमंजस की स्थिति?’ .
इधर, रामपुर में अब तक पार्टी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. रामपुर जिला ईकाई में आजम खान समर्थकों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. आजम खान के समर्थक कह रहे हैं कि अखिलेश यादव रामपुर से चुनाव लड़ें. रामपुर को लेकर मंगलवार को खबर आई कि पार्टी दिल्ली के मौलाना मोहीबुल्लाह नदवी को उम्मीदवार बना सकती है. मोहीबुल्लाह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट पर स्थित जामा मस्जिद के इमाम हैं. इस सियासी सस्पेंस के बीच रामपुर में सपा नेता आसिम रजा ने नामांकन पत्र खरीदा है. फिलहाल, अखिलेश यादव ने अभी इस सीट से उम्मीदवार नहीं नहीं उतारा है. आजम समर्थकों को मनाने की कवायद तेजी से चल रही है.
चार्टर्ड प्लेन से भेजे जा रहे अधिकृत लेटर?’ .
असमंजस और कन्फ्यूजन के बीच सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने लखनऊ से एक चार्टर्ड प्लेन बुक कराया है. ये चार्टर्ड प्लेन थोड़ी देर में मुरादाबाद के लिए उड़ेगा. माना जा रहा है कि इस चार्टर्ड प्लेन से मुरादाबाद और रामपुर के उम्मीदवार के नाम का अधिकृत लेटर भेजा रहा है ताकि समय रहते नामांकन पत्र दाखिल करवाया जा सके
मेरठ के उम्मीदवार पर भी सहमति नहीं?
वहीं, मेरठ को लेकर कहा जा रहा है कि सपा के घोषित उम्मीदवार भानु प्रताप सिंह को लेकर स्थानीय स्तर पर सहमति नहीं बन पा रही है. यही वजह है कि बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने आम चुनाव से दूरी बना ली थी. नेताओं की नाराजगी को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने उन्हें लखनऊ बुलाया है. पार्टी वर्कर्स का कहना है कि किसी स्थानीय नेता को ही उम्मीदवार बनाया जाए. माना जा रहा है कि मेरठ सीट पर उम्मीदवार को लेकर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है.










