रूस-यूक्रेन: ‘PM मोदी की दखल के बाद टला परमाणु युद्ध का खतरा’; अमेरिकी रिपोर्ट में भारत और अन्य देशों पर दावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दखल के बाद रूस और यूक्रेन के बीच परमाणु युद्ध का खतरा टाला जा सका। यह दावा किया है दो शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच 2022 के फरवरी में शुरू हुआ संघर्ष परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन संघर्ष टालने में दुनिया के शीर्ष नेताओं ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

रूस और यूक्रेन का संघर्ष दो साल पुराना है। फरवरी, 2022 में शुरू हुए हिंसक संघर्ष और गहराते मानवीय संकट के बीच बीते 24 महीने से अधिक समय में इस युद्ध के परमाणु संघर्ष की तरफ बढ़ने की कई रिपोर्ट्स भी सामने आईं। दोनों देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षित स्वदेश वापसी या उनकी सुरक्षा के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमान संभाली थी। अब एक अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीएम मोदी और कई वैश्विक नेताओं की सक्रियता के कारण परमाणु युद्ध को टाला जा सका।

पीएम मोदी की पहल पर अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के प्रशासन में शामिल दो शीर्ष अधिकारियों के हवाले से आई सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों का टकराव रोकने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की। इस रिपोर्ट का दावा है कि पीएम मोदी और कई अन्य वैश्विक नेताओं की सक्रियता के कारण रूसी सेना और पुतिन को समझाने में कामयाबी मिली। इसके बाद ही यूक्रेन पर परमाणु हमला टाला जा सका।

जापान पर 80 साल पहले हुए परमाणु हमले का जिक्र
अधिकारियों का कहना है कि रूस की सेना ने जैसे ही यूक्रेन में विशेष सैन्य कार्रवाई शुरू की, परमाणु हमले की आशंका को भांपते हुए अमेरिका ने कठोर और ठोस जवाबी कार्रवाई की तैयारियां शुरू कर दी थीं। बता दें कि लगभग 80 साल पहले जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर अमेरिका ने विनाशकारी परमाणु हमला किया था।

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