लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर चुकी मायावती को बड़ा झटका लग सकता है. खबर है कि लोकसभा चुनाव से पहले बसपा के कुछ सांसद नए ठिकाने की तलाश में हैं. दो सांसद पहले ही बसपा से दूसरे दलों में जा चुके हैं. अब एक सांसद मायावती का साथ छोड़ सकते हैं.
लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, नेताओं का एक दल छोड़कर दूसरे दल में जाने का सिलसिला तेज हो गया है. लोकसभा सीटों के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब आते ही कई सांसद और नेता अपने लिए नए ठिकाने की तलाश में हैं. राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के प्रमुख जयंत चौधरी ने गठबंधन बदल लिया तो वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य और सलीम शेरवानी समाजवादी पार्टी (सपा) छोड़ चुके हैं.
अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कुछ सांसदों के भी पार्टी छोड़ने की अटकलें हैं. कहा जा रहा है कि बसपा के कई सांसद नए घर की तलाश में हैं. मायावती के नेतृत्व वाली पार्टी को 2019 के चुनाव में 10 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी. तब बसपा, सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरी थी. बसपा-सपा गठबंधन में जीते सांसद अब 2024 के चुनाव में भी संसद पहुंचने के लिए जुगत में जुटे हैं.
बसपा के 10 में से दो सांसद पहले ही पार्टी को बाय बोल चुके हैं. वहीं, अब तीन और सांसदों के नए ठिकाने की तलाश में होने की चर्चा तेज हो गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश की लालगंज लोकसभा सीट से सांसद संगीता आजाद के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें पिछले कई दिनों से लगाई जा रही हैं. संगीता आजाद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग की भी खबरें हैं.
वहीं, एक अन्य सांसद मलूक नागर के जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली आरएलडी में शामिल होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं. मलूक नागर को हाल ही में आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के आवास पर भी देखा गया था जिसके बाद उनके पार्टी में जाने की अटकलें जोरों पर हैं. अंबेडकरनगर लोकसभा सीट से सांसद और बसपा के ब्राह्मण चेहरे रितेश पांडेय को लेकर भी चर्चा है कि वह बीजेपी में जा सकते हैं.
गौरतलब है कि बसपा के दो सांसद पहले ही पालाबदल चुके हैं. अमरोहा के सांसद कुंवर दानिश अली को बसपा ने निकाल दिया था. दानिश अली कांग्रेस के साथ जा चुके हैं. वहीं, एक अन्य मुस्लिम चेहरे अफजाल अंसारी को सपा ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. अफजाल पूर्वी उत्तर प्रदेश की ही की ही गाजीपुर सीट से सांसद हैं. 2019 के चुनाव में गाजीपुर सीट बसपा के कोटे में थी और बसपा-सपा गठबंधन ने अफजाल को उतारा था.










