मौत का ”पाताल तांडव” आधी रात को साक्षात ”यमराज” ने दी दस्तक

अनूपपुर | खौफनाक रात की दास्तां– दिल थाम लीजिए! अनूपपुर जिले के कुसमहाई गांव में अनुपपुर कोतवाली इलाके में बीती रात जो हुआ, उसे सुनकर रूह कांप जाएगी। रात के सन्नाटे को चीरती हुई चीखें और आसमान छूती आग की लपटें… मंजर ऐसा कि जैसे ‘पाताल से आग’ निकल आई हो!

साक्षात काल के जबड़े से खिंच लाए गए पांच से सात मासूम!
सोचिए… रात के 12 बजे हैं, आप गहरी नींद में हैं और अचानक आपका आशियाना ‘आग का दरिया’ बन जाए! घर के अंदर चार नन्हे-मुन्ने मासूम सो रहे थे, और बाहर आग का तांडव अपने चरम पर था। बिजली के बोर्ड बम की तरह फट रहे थे, छत से चिंगारियां गिर रही थीं। मौत सामने खड़ी थी, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। जांबाज परिजनों ने धधकती लपटों को चीरते हुए उन बच्चों को बाहर निकाला। ये साक्षात चमत्कार है!
खाक हुआ खून-पसीना, बचा सिर्फ सुलगता हुआ मलबा!
आग ने कुछ नहीं छोड़ा! फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन और बरसों की मेहनत से जोड़ा गया एक-एक सामान पिघलकर राख हो चुका है। जिस घर में कल तक खुशियां थीं, आज वहां सिर्फ मातम का धुआं है।
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ये सिर्फ एक ‘हादसा’ नहीं है, ये एक परिवार की ‘जिंदगी की तबाही’ है!
जिम्मेदार कुर्सी छोड़िए और मैदान में आइए! इस बेघर परिवार को ‘भीख’ नहीं, उनका ‘हक’ (मुआवजा) चाहिए।
बिजली विभाग की लापरवाही या कोई गहरी साजिश? शॉर्ट सर्किट के नाम पर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश हुई तो अंजाम बुरा होगा।
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“आज पांच से सात मासूमों की सांसें बच गईं, लेकिन कल कौन गारंटी देगा?प्रशासन की खामोशी किसी बड़े धमाके का इंतजार कर रही है!”

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