बीबीसी लाइव, भोपाल टीम द्वारा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं बालिका खुला आश्रय गृह का भ्रमण
बी बी सी लाइव भोपाल की टीम द्वारा इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं बालिका खुला आश्रय गृह का औचक भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान टीम ने केंद्र में संचालित विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं एवं लाभार्थियों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।
सबसे पहले जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के पंजीयन कक्ष से शुरुवात की गई, जहां केंद्र में आने वाले समस्त दिव्यांगजनों का विधिवत पंजीयन किया जाता है। पंजीयन उपरांत लाभार्थियों की आवश्यकतानुसार उन्हें संबंधित विभाग में उपचार एवं सेवाओं हेतु प्रेषित किया जाता है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को समुचित एवं समयबद्ध सुविधा उपलब्ध हो सके।
इसके उपरांत टीम ने फिजियोथेरेपी विभाग का भ्रमण किया। इस विभाग में बच्चों से लेकर वृद्धजनों तक विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं का उपचार आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों के माध्यम से किया जाता है। लकवा, हड्डियों में दर्द, स्वयं खड़े न हो पाना, चलने-फिरने में असमर्थता आदि अनेक जटिल स्थितियों में नियमित चिकित्सा एवं व्यायाम के माध्यम से मरीजों को लाभान्वित किया जा रहा है।

प्रोस्थेटिक एवं आर्थोटिक विभाग में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंगों (हाथ एवं पैर) का निर्माण किया जाता है तथा आवश्यकतानुसार सहायक उपकरणों का वितरण किया जाता है। जिन व्यक्तियों के हाथ या पैर कट गए हैं अथवा किसी प्रकार की शारीरिक अक्षमता है, उनके लिए उनकी आवश्यकता अनुसार कृत्रिम अंग तैयार किए जाते हैं और उन्हें पुनः चलना-फिरना सिखाया जाता है। निरीक्षण के दौरान अत्याधुनिक मशीनों से सुसज्जित कृत्रिम अंग निर्माण कार्यशाला का भी अवलोकन किया गया।
इसके पश्चात ऑडियोमेट्री/श्रवण विभाग का भ्रमण किया गया। यहां बैरा (BERA) मशीन के माध्यम से श्रवण क्षमता की सटीक जांच की जाती है, जिससे श्रवण बाधा का प्रतिशत स्वतः ज्ञात हो जाता है। इम्पीडेंस मशीन द्वारा कान के पर्दे की जांच की जाती है। परीक्षण उपरांत श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक श्रवण यंत्र निःशुल्क प्रदान किए जाते हैं।
स्पीच थेरेपी विभाग में बोलने में असमर्थ अथवा तुतलाकर बोलने वाले बच्चों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे उनके उच्चारण एवं संप्रेषण कौशल में सुधार हो सके।

विशेष शिक्षा विभाग के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ-साथ नैतिक शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जाता है।
इस अवसर पर टीम द्वारा रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित *बालिका खुला आश्रय गृह* का भी भ्रमण किया गया। वर्तमान में आश्रय गृह में 25 बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं। समाज की मुख्यधारा से वंचित, शोषित एवं विपत्तिग्रस्त बालिकाओं को चिन्हित कर बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से आश्रय गृह में लाया जाता है। यहां उन्हें शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पेंटिंग एवं अन्य कलात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार एवं स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हो सकें। 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को छह माह का प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जाता है। अब तक कुल 269 बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण उपरांत नियमित फॉलो-अप भी किया जाता है तथा आवश्यकता अनुसार किताबें, कॉपियां एवं ड्रेस उपलब्ध कराई जाती हैं।

भ्रमण के दौरान रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन श्री एस. डी. सिंह, सचिव डॉ. ओ. पी. राय एवं संस्था के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। निरीक्षण उपरांत बीबीसी लाइव, भोपाल की टीम ने रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली द्वारा जिले में किए जा रहे मानवीय एवं समाजोपयोगी कार्यों की सराहना करते हुए संस्था को धन्यवाद ज्ञापित किया।









