पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत के साथ सीजफायर पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस्लामाबाद, पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत के साथ सीजफायर पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच संचार का एक स्थापित चैनल है, जिसके जरिए तनाव कम करने पर काम किया जा रहा है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों में सैन्य संघर्ष शुरू हो गया था। चार दिन के संघर्ष के बाद दोनों पक्ष 10 मई को सीजफायर करने पर राजी हुए। इस दौरान पाकिस्तान के न्यूक्लियर ठिकानों के भारतीय हमलों के जद में आने की अपुष्ट रिपोर्ट भी सामने आई थीं। इस पर पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि उसके परमाणु हथियार पूरी तरह सुरक्षित हैं।

पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि हम भारत के साथ हुए संघर्षविराम को लेकर गंभीर है। पाकिस्तान चाहता है कि यह बना रहे और दोनों मुल्कों में तनाव कम हो ताकि स्थिरता आए और मुद्दों का समाधान हो सके। खान ने बताया कि दोनों देशों की सेनाओं के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) एक दूसरे से बात कर रहे हैं।

सिंधु संधि पर पाक पीछे नहीं हटेगा

सिंधु जल संधि को निलंबित करने के सवाल पर शफकत ने कहा कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान अपने सैद्धांतिक रुख पर कायम है। सिंधु जल संधि में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो एकतरफा संधि को निलंबित या रद्द करने की अनुमति दे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पाकिस्तान को उसके पानी का सही हिस्सा लगातार मिलता रहे।

पाक विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर को एक दिन के लिए भी बंद नहीं किया है। भारतीय पक्ष ही 7 मई के बाद से तीर्थयात्रियों को आने की अनुमति नहीं दे रहा है। उन्होंने दावा किया है कि धार्मिक आस्था को देखते हुए पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर को लगातार खुला रखने का फैसला लिया।

पाकिस्तान के सभी परमाणु हथियार सुरक्षित

पाकिस्तान ने कहा कि उसके परमाणु हथियार पूरी तरह से सुरक्षित हैं। पाक विदेश कार्यालय ने कहा कि देश अपनी परमाणु सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के बारे में मीडिया में आ रही रिपोर्ट पर पाक विदेश कार्यालय ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हमारे नहीं भारत के परमाणु शस्त्रागार पर चिंतित होना चाहिए। पाक ने कहा कि भारत का मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य परमाणु सुरक्षा चिंता पैदा करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें