रीवा: मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन शिक्षा को बढ़ावा देने के नित नए-नए प्रयोग कर रही है. ऐसा ही एक उदाहरण रीवा से सामने आया, जहां रीवा में पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी ने कुछ नया करते हुए एक अच्छी मिसाल पेश की है. जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूली बच्चों के पैर धोए, उन्हें टीका लगाया, इसके बाद किताबें सौंपते हुए उन्हें स्कूल में एंटर कराया. इसका वीडियो सामने आने के बाद लोग शिक्षा अधिकारी की प्रशंसा कर रहे हैं.
1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र की हुई शुरुआत
दरअसल, मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल चले अभियान के तहत नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की गई. जिसमें प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बच्चों को टीका लगाकर नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कराई. वहीं, इससे संबंधित रीवा का एक वीडियो सोशल मीडिया काफी पसंद और शेयर किया जा रहा है. जिसमें बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने से पहले जिला शिक्षा अधिकारी बच्चों के पैर धुले. इसके बाद उन्हें टीका लगाकर किताबें सौंपी और फिर उन्हें स्कूल में अंदर ले गए.
4 अप्रैल तक चलेगा प्रवेश उत्सव कार्यक्रम
बताया गया की प्रवेश उत्सव का यह कार्यक्रम 4 अप्रैल तक चलाया जाएगा. जिला शिक्षा अधिकारी सुदामा लाल गुप्ता ने कहा कि “शासन के निर्देशानुसार और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से बनाने का निर्णय लिया गया था. पहले अलग व्यवस्था थी, जिसके चलते बच्चे 3 महीने की छुट्टियों के दौरान निष्क्रिय हो जाते थे. आज हम लोगों ने प्रवेश उत्सव बनाया है और सभी छात्रों का तिलक लगाकर, पुस्तक देकर उनका स्वागत किया है.”
बच्चे को बताया अन्नदाता
जिला शिक्षा अधिकारी सुदामा लाल गुप्ता ने कहा कि “हम भारतीय होने के साथ ही सनातन संस्कृति के पुजारी हैं. कल नया वर्ष था, आज हमारे सत्र का नया वर्ष है. नवरात्रि का समय भी चल रहा है, इन दिनों हम सभी देवी शक्तियों की पूजा करते हैं. जिसमें कन्याओं की पूजन होती है. ये जो बच्चे है, हमारे अन्नदाता हैं. अगर बच्चे ही नहीं होंगे तो शिक्षा विभाग किसे शिक्षा देगा. इन सभी बातों को भाव में रखकर कन्या पूजन करते हुए उनके पैर धोकर उन्हें स्कूल में प्रवेश कराया गया है.”










