विवाद के बीच भी 3200 रुपये में बिक रही सद्गुरु के पैरों की तस्वीर

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि कहा कि सद्गुरु ने अपनी दोनों बेटियों की शादी की लेकिन वह दूसरों को सन्यासी बनने को क्यों कहते हैं. कोर्ट ने ईशा फाउंडेशन के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की जानकारी देने का भी निर्देश दिया. इसी बीच मंगलवार को कोयम्बटूर स्थिति सद्दगुरु के आश्रम में 3 DSP समेत 150 पुलिसकर्मियों ने तलाशी ली. इसी बीच सोशल मीडिया पर यूजर्स सवाल कर रहें कि क्या सच में सद्गुरु के पैरों की तस्वीर में बिक रही है.

ईशा फाउंडेशन की वेबसाइट पर सद्गुरु के चरणों का फोटो फ्रेम इस कीमत पर क्यों बेचा जा रहा है और पूछा कि क्या फोटो फ्रेम में दिखने वाली चीजो से कहीं अधिक कुछ है

सोशल मीडिय पर सवाल का बवंडर

एक एक्स यूजर ने पूछा, “क्या यह सच है कि सद्गुरु अपने पैरों की तस्वीर 3200 रुपये में बेच रहे हैं या इसमें कुछ और भी है?”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “अर्थव्यवस्था इतनी खराब है कि सद्गुरु भी पैरों की तस्वीरें बेच रहे हैं.

भक्तों ने सद्गुरु का बचाव किया

वहीं, सद्गुरु के भक्तों ने उनका बचाव किया. सद्गुरु के भक्तों ने तस्वीर की बिक्री का बचाव किया और ऐसा करने के अपने कारण बताए.

सद्गुरु के एक भक्त ने कहा, “गुरु के चरणों का सम्मान किया जाता है क्योंकि वे गुरु की ऊर्जा तक पहुंचने का मार्ग हैं. गुरु के चरणों में झुकने का कार्य ही व्यक्ति की निकटता को बढ़ाता है और गुरु के साथ गहरा संबंध बनाता है. सद्गुरु पदम की इस खूबसूरत 17.5″ x 12.5″ लकड़ी के फ्रेम वाली तस्वीर के साथ घर में लाएँ, जो सद्गुरु के साथ आपके संबंध को मजबूत करने का एक शक्तिशाली माध्यम है.”

वहीं, एक अन्य भक्त ने कहा कि गुरु के चरणों को अपने हृदय में धारण करना मेरे लिए सबसे मधुर बात है, और यह फोटो मुझे उस जुड़ाव को बनाए रखने में मदद करती है. लकड़ी का फ्रेम एक सुंदर स्पर्श जोड़ता है, जो इसे मेरे घर में एक प्रिय वस्तु बनाता है

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