कौन बचा रहा है अभिषेक पल्लव को

सारे गवाह सारे सबूत चीख-चीख कर कह रहे हैं कि गृहमंत्री विजय शर्मा के विधानसभा क्षेत्र के लोहाराडीह में पुलिसिया बर्बरता उस रात चरम पर थी। घरों के दरवाजे तोड़‌कर आधी रात को पुलिस ने सोते से जगाकर या सोते हुए महिलाओं और बच्चों पर कहर बरसाया है। साहू समाज आन्दोलित है। पूरे देश में इस घटना को लेकर साय सरकार के कथित सुशासन की थू-थू हो रही है लेकिन तत्कालीन एस पी अभिषेक पल्लव को न तो निलंबित किया गया और न ही पुलिसिया बर्बरता को लेकर ही कोई एफ आई आर हो दर्ज हुई

क्यो

यह सवाल अब न केवल बहा होने लगा है बल्कि अब इस सवाल का जवाब भी तलाशा जा रहा है कि अभिषेक पल्लव को कौन बचा रहा है। यह सवाल इसलिए भी उठाये जा रहे हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ में साहू समाज को भाजपा का वोट बबैंक माना जाता है और इस वोट बैंक के खिसकने या नाराजगी को लेकर किस किमत पर अभिषेक पल्लव को बचाया जा रहा है यह सवाल चर्चा में है

हालांकि कभी रमन सिंह पर साहू समाज की उपेक्षा का आरोप लगाकर भरे मंच से गरियाने वाले मोतीलाल साहू न केवल भाजपा में चले गये बल्कि राजधानी के ग्रामीण का विधायक भी है ऐसे में साहू समाज में क्या आन्दोलन को लेकर दो फाड् या दो मत है

कवर्धा यदि गृहमंत्री विजय शर्मा का विधानसभा है तो रमन सिंह का भी गृह है ऐसे में दोनों नेतार्थों पर अभिषेक पल्लव को बचाने का आरोप खुलकर लगाया जा रहा है लेकिन दूसरी तरफ सुपर सीएम के रूप में चर्चित ओपी चौधरी का नाम भी कम सुर्खियों में नहीं है। और मुख्यमंत्री साय को लेकर जो चर्चा है वह रिमोट पर आकर समाप्त हो जाता है

अब समझने नहीं बल्कि जानने बाली बात है कि साहू समाज कब तक अपने समाज को न्याय दिलाने अड़े रहेंगे

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