जलवा बरकरार है मोहन सेठ का

दबाव में दूसरे पक्ष पर भी एफआईआर लेकिन गिर‌फ्तारी नहीं

लेन देन के विवाद में कटोरा तालाब चौक में घंरे-दो घंटे तक अपनी गुंडई से धमा चौकड़ी मचाने और गुजरने वालों को दहशत में डालने वाले भाजपाईयों को पकड़‌ने में पुलिस के हाथ पांव फूलने लगे हैं। भारी दबाव में दूसरा पक्ष सचिन मेधानी की रिपोर्ट पर भी एक आई आर तो दर्ज कर ली गई लेकिन सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसी भी पक्ष से गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। कहा जाता है कि दोनों ही गुट के लोग रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल के करीबी है

ज्ञात हो कि लेन देने के विवाद के चलते 27 अगस्त को नेताजी होटल वाले राहुल चंदनानी और नाज का व्यवसाय करने वाले सचिन मेधानी गुट आपस में भीड़ गये थे दोनों ही गुट के बीच लेन देने का विवाद हाथा पाई में तब्दिल हो चौक हो गया और कटोरा तालाब चौक पर मारपीट और गाली गलौच के साथ धमाचौकड़ी की जाने लगी लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया। अश्लील गाली गलौच के चलते राह चलती महिलाएं शर्मसार होने लगी और लोग इधर उधर भागने लगे यह सब धमाचौकडी तब शांत हुआ जब एक जुट वहां से चला गया

इसके बाद पुलिस ने राहुल चंदनानी की रिपोर्ट पर सचिन मेघनी सहित उनके आधा दर्जन साथियों के खिलाफ रिपोर्ट तो लिख ली लेकिन सचिन मेघानी से सिर्फ आवेदन लिया गया इसके बाद दोनों के बीच ‌समझौता कराने का खेल शुरु हुआ इधर सचिन के आवदेन पर जब दबाव बढ़ा तो पुलिस को एफ़आईआर करनी पड़ी

सूत्रों की माने तो इस मामले को लेकर बीजेपी के क़द्दावर नेता के दबाव के चलते पुलिस किसी की भी गिरफ्तारी नहीं कर रही है जबकि इस घटना के चलते कटोरा तालाब चौक जैसे व्यस्ततम चौक में न केवल चक्काजाम जैसे हालात थे लोगों में दहशत का भी माहौल था

सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि राजनैतिक द‌बाव के चलते पुलिम गिरफ्तार नहीं कर रही है कहा जाता है सचिन मेघानी और राहुल चंदनानी दोनों ही रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के करीबी है और इसमें से सचिन मेघानी को तो भाजपा ने पार्षद चुनाव भी लड़‌वाया है

बहरहाल इस घटना को लेकर जो चर्चा चल रही है उसके मुताबिक़ भले ही बीजेपी ने बृजमोहन अग्रवाल को राज्य की राजनीति से किनारे कर दिया हो लेकिन उनके जलवे का असर अब भी शासन प्रशासन में बरकरार है और इसका प्रचार ख़ुद मोहन समर्थक शान से कर रहे हैं

 

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