छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्यौहार तीजा-पोला की तैयारियां शुरू हो गई है पिछले वर्ष से प्रदेश में माता कौशिल्या को तीजा मनाने अयोध्या से रायपुर लाया जाता है इस बार भी इसकी तैयारी जोरों से चल रही है मूर्तिकार पीलू राम साहू माता कौशिल्या की मूर्ति बना रहे हैं। माता कौशिल्या के श्रृंगार के लिए बिलासपुर का प्रसिद्द कोसट्उहाँ लुगरा (साड़ी) और लाली पोलखा (ब्लाउज) समेत बस्तर का सूता पहनाया जाएगा
कार्यक्रम के संयोजक राकेश तिवारी ने बताया माता कौशल्या
छत्तीसगढ़ के पारम्परिक त्यौहार तीजा-पोला की तैयारियां शुरू हो गई है पिछले वर्ष से प्रदेश में माता कौशिल्या को तीजा मनाने अयोध्या से रायपुर लाया जाता है इस बार भी इसकी तैयारी जोरों से चल रही है मूर्तिकार पीलू राम साहू माता कौशिल्या की मूर्ति बना रहे हैं माता कौशिल्या के श्रृंगार के लिए बिलासपुर का प्रसिद्द कोसट्उहाँ लुगरा (साड़ी) और लाली पोलखा (ब्लाउज) समेत बस्तर का सूता पहनाया जाएगा।
कार्यक्रम के संयोजक राकेश तिवारी ने बताया माता कौशल्या अयोध्या से अपने मायके में तीजा मनाने चंदखुरी आ रही है उनकी मूर्ति लगभग तैयार हो चुकी है। शुक्रवार को बिलासपुर से छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना की अध्यक्ष लता राठौड़ अपनी टीम के सदस्य मधु कश्यप डा. सुनीता मिश्रा व लता कौशिक के साथ ग्राम निमोरा आकर मूर्तिकार पीलू राम साहू को माता कौशिल्या को पहनाने के लिए बिलासपुर से विशेष तौर पर बने हरे रंग की कोस्टउन्हा लुगरा और लाली पोलखा भेंट की
से अपने मायके में तीजा मनाने चंदखुरी आ रही है उनकी मूर्ति लगभग तैयार हो चुकी है शुक्रवार को बिलासपुर से छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना की अध्यक्ष लता राठौड़ अपनी टीम के सदस्य मधु कश्यप डा. सुनीता मिश्रा व लता कौशिक के साथ ग्राम निमोरा आकर मूर्तिकार पीलू राम साहू को माता कौशिल्या को पहनाने के लिए बिलासपुर से विशेष तौर पर बने हरे रंग की कोस्टउन्हा लुगरा और लाली पोलखा भेंट की










