SC/ST OBC महासभा ने आरक्षण मुद्दे को लेकर Bharat Band का आह्वान किया था बन्द रहा बेअसर प्रदर्शनकारियों को नही मालूम किस बात का कर रहे हैं विरोध
जिले में भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण मामले पर दी गई गाइड लाइन पर SC/ST OBC महासभा एवं भीम आर्मी द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था जिस मामले पर जिला दंडाधिकारी धरणेन्द्र कुमार जैन के द्वारा सुरक्षार्थ अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की डियूटी सभी सेक्टरों में लगाई गई है कि कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न होने पाए। हालांकि जिले में बंद का असर कहीं भी नजर नही आया। वहीं ज्ञापन देने आई रैली के साथ भारी मात्रा में पुलिस भी रही जिसके चलते पूरी रैली शांतिपूर्ण तरीके से देश के राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन जिले के कलेक्टर को सौंपे उस ज्ञापन के लेने SDM बांधवगढ़ रीता डेहरिया आईं
आइये जानते हैं क्या है सर्वोच्च न्यायालय का फैसला
जनवरी 2024 में तीन दिनों तक मामले में दलीलें सुनने के बाद Court ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया उसके बाद 1 अगस्त को Supreme Court के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ जस्टिस B R गवई, जस्टिस विक्रम नाथ जस्टिस बेला M त्रिवेदी जस्टिस पंकज मिथल जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने फैसला सुनाया हालांकि जस्टिस बेला M त्रिवेदी ने इस फैसले से असहमति जताई
संविधान पीठ ने 6-1 के बहुमत से फैसला दिया कि राज्यों को आरक्षण के लिए कोटा के भीतर कोटा बनाने का अधिकार है यानी राज्य सरकारें SC और ST श्रेणियों के लिए सब कैटेगरी बना सकती हैं, ताकि सबसे अधिक जरूरतमंद को आरक्षण में प्राथमिकता मिल सके। राज्य विधानसभाएं इसे लेकर कानून बनाने में समक्ष होंगी. हालांकि, Court का यह भी कहना था कि सब कैटेगिरी का आधार उचित होना चाहिए. कोर्ट का कहना था कि ऐसा करना संविधान के आर्टिकल-341 के खिलाफ नहीं है कोर्ट ने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति के भीतर किसी एक जाति को 100% कोटा नहीं दिया जा सकता है. इसके अलावा SC में शामिल किसी जाति का कोटा तय करने से पहले उसकी हिस्सेदारी का पुख्ता डेटा होना चाहिए. यानी आरक्षण के मसले पर राज्य सरकारें सिर्फ जरूरतमंदों की मदद के लिए कानून बना सकती हैं ना कि राजनीतिक लाभ के लिए किसी तरह की मनमानी कर सकती हैं और ना भेदभावपूर्ण फैसला ले सकती हैं
ज्ञापन देने आए BSP के जिलाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य केशव वर्मा ने कहा कि Supreme Court ने जो फैसला दिया है उसमें क्रीमीलेयर की बात आई है, वहीं जब पूंछा गया कि क्रीमीलेयर क्या है तो कहे कि कुछ है जैसे EWS है वैसे कुछ होगा लेकिन S C/S T का आरक्षण समाप्त करने की सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से जो साजिश चल रही है, जो उप वर्गीकरण किया जा रहा है, वो समाज को बांटने का काम किया जा रहा है हम उसी के विरोध में आज ज्ञापन सौंपे हैं, हमको व्यापारियों का समर्थन नही मिला है बन्द नही हो पाया वहीं क्रीमीलेयर पर कुछ नही बोल पाये
वहीं भूमिया संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि आज हम लोग आरक्षण के लिए यहां आए हैं जो Supreme Court ने आरक्षण बन्द करने का निर्णय दिया है हम लोग उसी के विरोध में आज ज्ञापन देने आए हैं वहीं जब क्रीमीलेयर की बात की गई तो कह दिए ये हम नही जानते हैं
वहीं जिला कलेक्टर की तरफ से ज्ञापन लेने आई SDM बांधवगढ़ रीता डेहरिया ने बताया कि BSP गोंडवाना महासभा कोयतोड़ गोंडवाना पार्टी एवं अन्य द्वारा आरक्षण मुद्दे को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन दिया गया है उसको उचित माध्यम से वहां तक भेज दिया जाएगा










