Damoh: नगर पालिका CMO की शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे कांग्रेस पार्षद, बोले- वार्ड में नहीं हो रहा काम

Damoh: नपा उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह ने आरोप लगाए कि सीएमओ नियमित रूप से कार्यालय नहीं आती हैं। इसलिए उनसे अपनी समस्याएं भी नहीं सुना पाते हैं। वह ज्यादातर काम अपने घर से ही करती हैं और पार्षदों की बातों पर ध्यान नहीं देती है। जिससे वार्डवासी परेशान है।

दमोह की कांग्रेस शासित नगर पालिका के कांग्रेस पार्टी से जुड़े पार्षद मंगलवार को जनसुनवाई में सीएमओ की शिकायत लेकर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से मिले। इन पार्षदों का कहना है कि सीएमओ के द्वारा उनकी किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। वार्ड में साफ सफाई नहीं हो रही, लोग हमसे सवाल कर रहे हैं

सिविल वार्ड पांच के पार्षद राजू बागीरा ने कहा कि शहर के लगभग सभी वार्डों में अव्यवस्थाएं फैली हैं। नियमित साफ सफाई न होने के कारण कचरों के ढ़ेर लगे हुए हैं। कई वार्ड ऐसे हैं, जहां पाइपलाइन नहीं पहुंची है। पानी की सप्लाई नियमित न होने से लोगों को परेशानी है। वार्ड के प्रतिनिधि होने के नाते लोग उनके पास अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। वह कई बार सीएमओ सुषमा धाकड़ से इस मामले में शिकायत कर चुके हैं और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग कर चुके हैं, लेकिन सीएमओ के द्वारा उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है

पार्षद व नपा उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह ने आरोप लगाए कि सीएमओ नियमित रूप से कार्यालय नहीं आती हैं, इसलिए उनसे अपनी समस्याएं भी नहीं सुना पाते हैं। वह ज्यादातर काम अपने घर से ही करती हैं और पार्षदों की बातों पर ध्यान नहीं देती है। वार्डवासी परेशान है, इसलिए वह चाहते हैं कि कलेक्टर उन्हें निर्देशित करें, ताकि वार्ड वासियों की समस्याओं का समाधान हो सके। सिविल दो की पार्षद दुर्गेश नंदनी ने कहा कि वार्ड में नियमित सफाई नहीं होती। सीएमओ की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है, इसलिए उन्हें हटाकर किसी अन्य अधिकारी को सीएमओ का चार्ज दिया जाए। पार्षदों ने कहा कि आगामी दिनों में यदि व्यवस्थाएं नहीं सुधरती हैं तो सभी पार्षद आगामी परिषद की बैठक में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

वहीं सीएमओ सुषमा धाकड़ पर लग रहे आरोप के संबंध में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। उन्हें मोबाइल पर कई बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। सीएमओ के इस तरह से फोन रिसीव न करने से आम लोग भी परेशान हैं। यदि वह अपनी कोई परेशानी सीएमओ को बताना चाहें तो वह मोबाइल रिसीव नहीं करती। जिससे आम लोग भी परेशान रहते हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें