मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में अंधे कत्ल का खुलासा हुआ है। ढाई लाख बचाने के लिए पहले युवक का गला दबाया और फिर सिर कुचलकर कर हत्या कर दी
एक अंधे कत्ल का मामला घटिया थाना पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। इस मामले में हत्यारे ने पहले युवक का गला दबाया और उसके बाद उसका सिर कुचल कर उसकी निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी थी। हत्यारे के द्वारा की गई इस निर्दयता पूर्वक हत्या के तरीके को देखकर पुलिस समझ चुकी थी कि इस घटना को किसी एक व्यक्ति ने अंजाम नहीं दिया है। बल्कि कुछ लोगों ने साथ मिलकर मृतक की इस प्रकार से हत्या की है। पुलिस ने हत्याकांड को सुलझाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने के साथ ही कुछ आधुनिक तरीकों से हत्यारों तक पहुंचाने का प्रयास किया, जिसमें उन्हें सफलता मिली और अब हत्यारे पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। जिन्होंने इस हत्याकांड को करना भी कबूल लिया है।
23 मई 24 को थाना घटिया पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम बिछडौद में सुलिया रोड पर नाले के पास लखन राठौर नामक युवक मृत अवस्था में पड़ा है। उक्त सूचना पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर पड़ताल आरंभ की। मृतक के परिजनों से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि रात्रि में लखन राठौर गांव के ही अजय उर्फ भूरा बैरागी के साथ मोटरसाइकिल से उज्जैन रोड तरफ जाता दिखा था। जिसके बाद वह रात भर से घर वापस नहीं आया। सुबह मृतक लखन की अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा गला घोटकर तथा सिर में गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या करने की जानकारी सभी को मिली थी। मौके पर मृतक के भाई राहुल राठौर की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध 0/24 धारा 302 भादवि का कायम कर विवेचना प्रारंभ की गयी। घटनास्थल पर एफ.एस.एल. अधिकारी, फिंगर प्रिन्ट टीम एवं डॉग स्क्वॉड को बुलवाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया तथा सबूत कर इस मामले में 202/24 धारा 302 भादवि का कायम कर जांच शुरू कर दी गई थी।
यह भी जुटाई जानकारी क्या करता था मृतक
इस अंधे कत्ल को सुलझाने के लिए पुलिस ने मृतक लखन राठौर के व्यक्तिगत जीवन, रहन सहन, बोलचाल लेन-देन आदि की जानकारी एकत्र की गयी। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि मृतक यूको बैंक में प्रायवेट नौकरी तथा ब्याज पर रुपये के लेनदेन का काम करता था। मृतक के परिजनों से पूछताछ में पता चला कि मृतक के घर के पास रहने वाले जितेन्द्र उर्फ कालू बैरागी से मृतक लखन राठौर का पैसे का लेन देन था। इसी आधार पर जितेन्द्र बैरागी को संदेही मानते हुए मामले की विवेचना को आगे बढ़ाया गया। विवेचना में मृतक लखन राठौर की कॉल डिटेल, संदेही जितेन्द्र बैरागी की कॉल डिटेल, ग्राम बिछडौद में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज व घटना स्थल के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में 2 अन्य संदेही सुमित पिता संतोष बोडना तथा राजकुमार उर्फ राजु पिता सुरेश मारू की घटना में संलिप्तता पायी गयी। उक्त तीनों संदेहियों से अलग-अलग पूछताछ की गयी, जिस पर तीनों के द्वारा घटना दिनांक को साथ में नहीं होना बताकर पुलिस को गुमराह किया था। लेकिन जब पुलिस तक की सख्ती दिखाई तो तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
ऐसे उतारा लखन को मौत के घाट
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मृतक लखन राठौर ने आरोपी जितेन्द्र बैरागी को कुछ दिन पूर्व लगभग 2.5 लाख रुपये उधार दिए थे। मृतक लखन के द्वारा आरोपी जितेन्द्र से उधार दिए गए 2.5 लाख रुपये चुकाने की मांग की जा रही थी। उक्त रुपये आरोपी जितेन्द्र द्वारा वापस नहीं लौटाने की मंशा से अपने दो साथियों सुमित तथा राजकुमार के साथ मृतक लखन राठौर की हत्या की साजिश रची। घटना की रात्रि को लगभग 9 बजे के आसपास आरोपी जितेन्द्र ने अपने दोनों साथियों को बाइक से घटनास्थल पर छोड़ा तथा हत्या की पूरी प्लानिंग बनाई। इसके बाद आरोपी जितेन्द्र बैरागी मृतक लखन राठौर को उसके घर से कुछ दूरी से पैसे के लेनदेन की बात करने का कहकर बाइक पर बिठाकर घटनास्थल तक लेकर आया।
घटनास्थल पर आरोपी द्वारा अपनी प्लांनिग के मुताबिक, मृतक लखन को रुपयों के लेनदेन की बातचीत में उलझाया गया तथा अपने दोनों साथी सुमित व राजकुमार को लखन राठौर के गले में रस्सी का फंदा डालने का इशारा किया गया। मृतक लखन के गले में रस्सी का फंदा डालते की तीनों आरोपियों ने मिलकर रस्सी को खिचकर मृतक को जमीन पर गिरा दिया तथा फंदे को जोर से कस दिया बाद आरोपियों ने बारी-बारी से पत्थर से लखन के सिर पर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या कारित कर दी। पर्याप्त परिस्थिति जन्य और वैज्ञानिक साक्ष्य मिलने पर प्रकरण में आरोपी जितेन्द्र, राजकुमार व सुमित को गिरफ्तार किया गया है।










