झारखंड: जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपी गिरफ्तार

एजेंसी ने कहा, ‘इन आरोपियों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों में जालसाजी और छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने ऐसा करके जमीनों की प्रकृति को बदल दिया था.’ जांच एजेंसी ने बताया कि छोटा नागपुर किराएदारी एक्ट (CNT Act) के तहत यह जमीन बिक्री योग्य नहीं थी

झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है. ईडी के अनुसार, संजीत कुमार  मोहम्मद इरशाद और तापस घोष नामक आरोपियों को 9 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया था.

एजेंसी ने कहा, ‘इन आरोपियों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों में जालसाजी और छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने ऐसा करके जमीनों की प्रकृति को बदल दिया था.’ जांच एजेंसी ने बताया कि छोटा नागपुर किराएदारी एक्ट (CNT Act) के तहत यह जमीन बिक्री योग्य नहीं थी.

25 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है ईडी  

सीएनटी एक्ट आदिवासियों की जमीन के अधिकारों की रक्षा करता है. ईडी ने कहा कि कुमार और घोष रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस, कोलकाता में संविदा कर्मचारी के रूप में काम करते थे. मामले में जांच के तहत ईडी सोरेन, आईएएस अधिकारी और रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, पूर्व राजस्व विभाग के उप-निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद और अन्य सहित कुल 25 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

ईडी के अनुसार, जांच में पाया गया है कि आरोपियों द्वारा ‘जालसाजी’ के माध्यम से हासिल की गईं कुछ जमीनें हेमंत सोरेन के ‘अवैध’ कब्जे में हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के वरिष्ठ नेता हेमंत सोरेन ने जमीन हड़पने के आरोपों से सख्ती से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला थोपा है.

31 जनवरी को ईडी ने किया था गिरफ्तार  

बीते 31 जनवरी को कथित जमीन घोटाले के केस में 8 घंटे तक पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी से पहले रात साढ़े 8 बजे के आसपास हेमंत सोरेन ने राजभवन पहुंचकर इस्तीफा दे दिया था. इस दौरान ईडी की टीम भी उनके साथ थी. हेमंत सोरेन के इस्तीफा सौंपने के बाद राज्यपाल ने तत्काल उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया था

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