पूर्व में रहने वाले लोग चीन जैसे और साउथ इंडिया में रहने वाले लोग अफ्रीकन…’ सैम पित्रोदा ने फिर छेड़ दिया नया विवाद

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत जैसे विविधता वाले देश में सभी एक साथ रहते हैं. यहां पूर्वी भारत के लोग चीन के लोगों जैसे, पश्चिम भारत में रहने वाले अरब जैसे और दक्षिण में रहने वाले अफ्रीकी लोगों जैसे दिखते हैं. लेकिन इसके बावजूद फिर भी हम सभी मिल-जुलकर रहते हैं.

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) ने विरासत टैक्स (Inheritance Tax) के बाद एक और विवादित बयान दिया है.

पित्रोदा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत जैसे विविधता वाले देश में सभी एक साथ रहते हैं. यहां पूर्वी भारत के लोग चीन लोगों जैसे, पश्चिम भारत में रहने वाले अरब जैसे और दक्षिण में रहने वाले अफ्रीकी लोगों जैसे दिखते हैं. लेकिन इसके बावजूद फिर भी हम सभी मिल जुलकर रहते हैं.

बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बयान में कहा था कि अगर चुनाव बाद उनकी सरकार सत्ता में आई तो एक सर्वे कराया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि किसके पास कितनी संपत्ति है. उनके इस बयान के बारे में जब सैम पित्रोदा से पूछा गया तो उन्होंने अमेरिका में लगने वाले विरासत टैक्स का जिक्र किया था

पित्रोदा ने कहा था कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है. अगर किसी शख्स के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है. उसके मरने के बाद 45 फीसदी संपत्ति उसके बच्चों को ट्रांसफर हो जाती है जबकि 55 फीसदी संपत्ति पर सरकार का मालिकाना हक हो जाता है.

उन्होंने कहा था कि ये बहुत ही रोचक कानून है. इसके तहत प्रावधान है कि आपने अपने जीवन में खूब संपत्ति बनाई है और आपके जाने के बाद आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए. पूरी संपत्ति नहीं बल्कि आधी, जो मुझे सही लगता है. लेकिन भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है. यहां अगर किसी के पास 10 अरब रुपये की संपत्ति है. उसके मरने के बाद उनके बच्चों को सारी की सारी संपत्ति मिल जाती है, जनता के लिए कुछ नहीं बचता .मुझे लगता है कि इस तरह के मुद्दों पर लोगों को चर्चा करनी चाहिए. मुझे नहीं पता कि इस चर्चा का निचोड़ क्या निकलेगा. हम नई नीतियों और नए प्रोग्राम की बात कर रहे हैं, जो लोगों के हित में हो ना कि सिर्फ अमीरों के हित में हो. मालूम हो कि पित्रोदा के इस बयान पर खूब विवाद हुआ था.

 

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