जानिए क्या है Blue Corner notice जो सेक्स स्कैंडल के आरोपी रेवन्ना को देश लाने के लिए जारी किया गया? इंटरपोल की भी मामले में हुई एंट्री

कर्नाटक के सांसद प्रज्वल रेवन्ना की लगातार मुश्किलें बढ़ रही हैं. अब प्रज्वल के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. ब्लू कॉर्नर के जरिये इंटरपोल किसी अपराधी के बारे में जानकारी जुटाता है. इंटरपोल अपने किसी सदस्य देश से किसी अपराधी की पहचान, लोकेशन या उसकी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारियां मांगने के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करता है.

सेक्स स्कैंडल में फंसे सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. कर्नाटक सरकार में गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने कहा कि प्रज्वल के देश छोड़ने की खबर के बाद उसके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. उसे भारत वापस लाने के लिए इंटरपोल की मदद ली जा रही है. इंटरपोल सभी देशों को सूचित करेगा और उसका पता लगाएगा.

दरअसल, किसी अपराधिक जांच के संबंध में किसी व्यक्ति की पहचान, जगह या उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाया जाता है. इस नोटिस के जरिए इंटरनेशनल पुलिस कोऑर्पोरेशन बॉडी द्वारा अपने सदस्य देशों से अतिरिक्त जानकारी एकत्रित की जाती है. यह भी एक तरह से फरार और संदिग्ध अपराधी के बारे में जांच-पड़ताल या तलाश करने संबंधी नोटिस ही है. लेकिन इंटरपोल के सदस्य देश इस तरह के नोटिसों को इग्नोर नहीं कर सकते हैं और उन्हें मांगी गईं वो जानकारी देना होती हैं, जो उनके पास हों.

कर्नाटक में वोटिंग के बाद जर्मनी भाग गया था प्रज्वल

बता दें कि प्रज्वल कर्नाटक की हासन सीट से सांसद है और इस बार वो जेडीएस-बीजेपी अलायंस का उम्मीदवार था. वहां दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग हो गई है. उसके अगले दिन यानी 27 अप्रैल को प्रज्वल राजनयिक पासपोर्ट की मदद से जर्मनी भाग गया. कर्नाटक में 24 अप्रैल से प्रज्वल से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो रहे हैं. चुनाव के बीच मामला गरमाया तो कर्नाटक सरकार ने प्रज्वल को वापस भारत लाने के लिए केंद्र सरकार से मदद का आग्रह किया. प्रज्वल का राजयनिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग की गई. उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए. उसके बाद अब ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है.

प्रज्वल के बारे में जानकारी जुटाएगा इंटरपोल

दरअसल, ब्लू कॉर्नर नोटिस एक तरह का अलर्ट है, जिसका उपयोग इंटरपोल द्वारा वांछित व्यक्तियों या अपराधों के बारे में वैश्विक स्तर पर जानकारी साझा करने के लिए किया जाता है. यह सिस्टम देशों को सीमाओं के पार होने वाली आपराधिक गतिविधियों से निपटने में सहायता के लिए महत्वपूर्ण सूचनाओं औ अनुरोधों का आदान-प्रदान करने में मदद करता है.

सात तरह के होते हैं अलर्ट नोटिस

इंटरपोल द्वारा सात प्रकार के नोटिस जारी किए जाते हैं. इनमें रेड, येलो, ब्लू, ब्लैक, ग्रीन, ऑरेंज और पर्पल नोटिस शामिल होता है. प्रत्येक नोटिस के अलग अलग मायने होते हैं. किसी सदस्य देश के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के अनुरोध पर इंटरपोल ये नोटिस जारी करता है और उन्हें सभी सदस्य देशों के साथ साझा करता  है. इंटरपोल का मुख्यालय फ्रांस के ल्योन शहर में है. यह विश्व का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन है.

पूछताछ को आगे बढ़ाने में मदद करता है ब्लू कॉर्नर नोटिस

सामान्य तौर पर ब्लू कॉर्नर नोटिस आपराधिक आरोप दायर होने से पहले या उसके ठीक बाद जारी किए जाते हैं. जबकि रेड नोटिस के जरिए किसी भगोड़े की गिरफ्तारी की मांग करते हैं. आमतौर पर आपराधिक सजा के बाद यह नोटिस जारी किया जाता है. ​​वर्तमान में प्रज्वल के खिलाफ जांच एजेंसियां अलर्ट हैं और ज्यादा जानकारी एकत्रित करने की कोशिश कर रही हैं. पूछताछ को आगे बढ़ाने के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस की मदद ली है.

अपहरण के मामले में प्रज्वल के पिता एचडी रेवन्ना गिरफ्तार

जद (एस) के मुखिया और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते 33 वर्षीय प्रज्वल से जुड़े कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो सामने आए हैं. आरोप है कि इन वीडियो में प्रज्वल घर में काम करने वाली महिलाओं के साथ जबरदस्ती कर रहा है. वो अब तक कई महिलाओं से यौन शोषण कर चुका है. राज्य सरकार ने यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. इस बीच, रविवार को प्रज्वल के पिता और जद (एस) विधायक एचडी रेवन्ना को एक महिला के कथित अपहरण और अवैध रूप से बंधक बनाने के मामले में बेंगलुरु की एक अदालत ने 8 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है

पीड़ित महिला तीन बच्चों की मां है. रेवन्ना को एसआईटी ने शनिवार को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने अपहरण के सिलसिले में सतीश बबन्ना नामक व्यक्ति को  भी गिरफ्तार किया है और पीड़िता को एक फार्महाउस से सुरक्षित निकाला था. गुरुवार को महिला के बेटे की शिकायत के आधार पर 66 वर्षीय खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

प्रज्वल के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज

इससे पहले कर्नाटक राज्य महिला आयोग की प्रमुख नागलक्ष्मी चौधरी ने सरकार से एसआईटी की सिफारिश की थी. यौन शोषण के आरोपों के सिलसिले में  एचडी रेवन्ना और उनके बेटे प्रज्वल के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज करवाई गई है. होलेनारासीपुरा थाने में रेवन्ना की मेड और रिश्तेदार ने शिकायत दर्ज करवाई है कि दोनों (पिता-पुत्र) ने उसके साथ छेड़छाड़ की. सीआईडी ​​बेंगलुरु में दूसरी शिकायत दर्ज की गई है. इसमें एक जद (एस) की महिला नेता ने प्रज्वल पर गन पॉइंट पर उसके साथ बलात्कार करने, घटना की वीडियोग्राफी करने और फिर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया.

तीसरी शिकायत एचडी रेवन्ना के खिलाफ एक महिला के अपहरण और अवैध हिरासत से संबंधित है. मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने से पहले रेवन्ना ने  आरोपों को फर्जी बताया है और पूरे घटनाक्रम को एक साजिश का हिस्सा होने का दावा किया है. रेवन्ना का कहना था कि 2 मई की शिकायत से संबंधित कोई सबूत नहीं है. यह एक बड़ी राजनीतिक साजिश है. मेरे खिलाफ एक साजिश रची गई है

कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा

कांग्रेस ने रविवार को एक बार फिर इस मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि हम तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक प्रज्वल को भारत वापस नहीं लाया जाता है. अखिल भारतीय महिला कांग्रेस प्रमुख अलका लांबा ने मामले में चुप्पी साधे रखने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर हमला किया है. लांबा ने कहा, आज देश की आधी आबादी मांग कर रही है कि स्मृति ईरानी और रेखा शर्मा अपनी चुप्पी तोड़ें. लांबा ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मामले पर चिंता जताई है और राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखक सख्त कार्रवाई के लिए कहा है .

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें