CG Liquor Scam : ईडी ने टुटेजा को कोर्ट में किया पेश…बहस के बाद फैसला सुरक्षित

रायपुर, 29 अप्रैल। CG Liquor Scam : शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा की रिमांड खत्म होने पर ईडी ने टुटेजा को आज विशेष कोर्ट में पेश किया। ईडी ने अनिल टुटेजा का छह दिन का फिर रिमांड मांगा है। टुटेजा के वकील ने बताया कि अनावश्यक रूप से रिमांड मांगी जा रही है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि शराब स्कैम से संबंधित कुछ भी पूछताछ नहीं हुई। दिनभर में एकात घंटे ही पूछताछ हुई है।

कोर्ट में रिमांड पर बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा है। बता दें कि शरा घोटाले मामले में टुटेजा पांच दिन की ईडी रिमांड पर थी। आज रिमांड खत्म होने पर उन्हें फिर अतुल कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने फैसला को सुरक्षित रखा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा

शराब घोटाले में गिरफ्तार रिटायर IAS अनिल टुटेजा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। अपने पत्र में खुद को निर्दोष बताते हुए अनिल टुटेजा ने खुद पर लगाये ED के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि ईडी ने उन्हें शराब घोटाले का मास्टर माइंड कहा है। ईडी ने उन्हें बिना अपना पक्ष रखे दिये ही घोटाले का मास्टर माइंड कहा है, जो न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।

छह पन्ने के पत्र में अनिल टुटेजा ने आबकारी विभाग से जुड़े पहलू, अपनी जिम्मेदारी और अन्य अधिकारियों के संदर्भ में भी पूरी बातें लिखी है। अनिल टुटेजा ने लिखा है कि एसीबी ने जो उनके खिलाफ की जा रही जांच पर रोक लगायी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पेंशन स्वीकृति तथा जीपीएफ भुगतान संबंधित निर्देश अधिकारियों को शीघ्र देने की मांग की है।

रायपुर के EOW दफ्तर में 5 घंटे चली पूछताछ

बता दे कि, ACB कार्यालय में पिता-पुत्र अनिल टूटेजा और यश टूटेजा बयान दर्ज करवाने पहुंचे थे। यहां से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने फिल्मी स्टाइल में हिरासत में लिया है। गौरतलब है उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ और उच्चतम न्यायालय से आईएएस अनिल टूटेजा ने राहत ले ली थी, लेकिन नई ECIR दर्ज करके आज प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने अपने पुराने आरोपी को धर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय यानी की ईडी की टीम भी ACB-EOW दफ्तर के बाहर मौजूद है। बयान दर्ज करवाकर बाहर निकलने पर ईडी की टीम दोनों को हिरासत में ले सकती है। बता दें कि EOW की टीम कड़ी दर कड़ी शराब घोटाले की जांच कर रही है। वही आबकारी विभाग (CG Liquor Scam) के पूर्व अधिकारी और अरुणपति त्रिपाठी को 25 अप्रैल तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर रखा गया है।

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