छिंदवाड़ा महापौर का यू-टर्न: कांग्रेस छोड़कर BJP में हुए थे शामिल, 18 दिन बाद फिर कमलनाथ के साथ आए विक्रम अहाके

Lok Sabha Election 2024 Voting: विक्रम अहाके के वीडियो को शेयर करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने लिखा है कि छिन्दवाड़ा में बीजेपी को लगा करारा झटका, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुये महापौर विक्रम अहके फिर नकुल नाथ और कमलनाथ जी के साथ आये.  महापौर विक्रम अहके ने वीडियो जारी कर छिन्दवाड़ा की जनता से नकुल कमलनाथ जी को वोट देने की अपील भी  की.

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में राजनीतिक उठा पटक का माहौल लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दिन तक जारी है. अब छिंदवाड़ा नगर निगम के महापौर विक्रम अहाके ने एक फिर से चौंका दिया है. यू टर्न लेते हुए विक्रम वापस कांग्रेस में लौट आए हैं. एक वीडियो जारी कर अहाके ने कमलनाथ और नकुलनाथ की तारीफ में तमाम बातें कहीं और कांग्रेस उम्मीदवार के लिए वोट डालने की अपील की.

विक्रम अहाके के वीडियो को शेयर करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने लिखा, ”छिन्दवाड़ा में बीजेपी को लगा करारा झटका, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुये महापौर विक्रम अहके फिर नकुल नाथ और कमलनाथ जी के साथ आये. महापौर विक्रम अहके ने वीडियो जारी कर छिन्दवाड़ा की जनता से नकुल कमलनाथ जी को वोट देने की अपील भी की. जय कांग्रेस, जय छिन्दवाड़ा.”

बता दें कि 1 अप्रैल को छिंदवाड़ा नगर निगम महापौर विक्रम अहाके ने राजधानी भोपाल पहुंचकर बीजेपी का दामन थाम लिया था. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कमलनाथ के करीबी विक्रम को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी.

महापौर विक्रम अहाके के साथ छिंदवाड़ा नगर निगम जल विभाग सभापति प्रमोद शर्मा, अनुसूचित जाति विभाग जिला अध्यक्ष सिद्धांत थनेसर,  पूर्व एनएसयूआई जिला अध्यक्ष आशीष साहू, पूर्व एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष धीरज राऊत, पूर्व एनएसयूआई जिला कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय, पूर्व एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष सुमित दुबे भी भाजपा में शामिल हुए थे.

पता हो कि मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के पास 28 सीटें हैं जबकि इकलौती छिंदवाड़ा सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का कब्जा बरकरार है. कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ फिर से कांग्रेस के टिकट पर सांसद पद के उम्मीदवार हैं. जबकि बीजेपी ने विवेक बंटी साहू को उतारा है.

बीजेपी ने मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट को कमलनाथ से छीनने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया है. चुनावी सरगर्मी के माहौल के बीच खास रणनीति के तहत छिंदवाड़ा के असंतुष्ट और प्रभावशाली नेताओं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को बीजेपी में लाया गया ताकि  छिंदवाड़ा की जमीन कमजोर पड़ जाए. हालांकि, 4 जून को घोषित होने वाले नतीजों में पता चलेगा कि किसका पलड़ा छिंदवाड़ा में भारी रहेगा.

 

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