‘हम भी चीन के इलाकों का नाम बदल दें तो…अरुणाचल मामले पर ड्रैगन को राजनाथ सिंह की दो टूक

भारत ने इस महीने की शुरुआत में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों का नाम बदलने को “मूर्खतापूर्ण” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था और कहा था कि ऐसा करने से इस वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं आएगा कि अरुणाचल हमेशा भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों का नाम बदलने के लिए चीन की आलोचना की. उन्होंने कहा कि क्या चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में 30 स्थानों के नाम बदलने के चीन के कदम से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी.

उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है. मैं चीन से पूछना चाहता हूं कि अगर हम पड़ोसी देश के विभिन्न राज्यों के नाम बदल दें, तो क्या वे हमारे क्षेत्र के हिस्से होंगे? ऐसी गतिविधियों के कारण, भारत और चीन के बीच संबंध खराब हो जाएंगे.

पीटीआई के मुताबिक रक्षामंत्री ने कहा, “हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं. लेकिन अगर कोई हमारे आत्म  सम्मान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो भारत उचित जवाब देने की क्षमता रखता है.”

भारत ने चीन के कदम को बताया था मूर्खतापूर्ण

बता दें कि भारत ने इस महीने की शुरुआत में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों का नाम बदलने को “मूर्खतापूर्ण” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था और कहा था कि ऐसा करने से इस वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं आएगा कि अरुणाचल हमेशा भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा.

कुछ दिनों पहले चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश में तथाकथित ‘मानकीकृत’ भौगोलिक नामों की एक सूची जारी की. चीन ने जिन 30 स्थानों का नाम बदला उनमें 12 पहाड़, चार नदियां, एक झील, एक पहाड़ी दर्रा, 11 आवासीय क्षेत्र और जमीन का एक टुकड़ा  शामिल है.

पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है ड्रैगन

इससे पहले 2017 में भी चीन ने अरुणाचल प्रदेश में छह स्थानों के लिए स्टैंडर्डाइज्ड नामों की प्रारंभिक सूची जारी की थी. इसके बाद 2021 में  अरुणाचल प्रदेश में क्षेत्रों पर दावा करने के चीन के प्रयास को अस्वीकार करते हुए जोर देकर कहा था कि राज्य देश का अभिन्न अंग है और  आविष्कृत’ नाम निर्दिष्ट करने से इस वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं आता है

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