शहडोल एडीजीपी डी.सी.सागर द्वारा म.प्र शासन से अनुमति के बाद बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल से प्रबंधन विषय में पीएचडी की जा रही है। उनके शोध का जनहितकारी शीर्षक है:
जनता के शारीरिक स्वास्थ्य के प्रबंधन की दिशा में सोशल मीडिया की लत पर एक अध्ययन।
इस शोध में जनता से उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कितना समय व्यतीत किया जाता है और उससे होने वाली शारीरिक रूप से जो परेशानियाँ उनको घेर रही हैं उनको गणना में लिया जाएगा। फिर इसका विशेषज्ञ विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार कर सोशल मीडिया के जोखिम-रहित और सेफ तौर तर्कों पर आधारित प्रकाश डाला जाएगा। आज के विश्वव्यापी डिजाइन दौर में यह शोध प्रासंगिक मील का पत्थर साबित होगा व इस प्रकार व्यवसायिक पुलिसिंग में निपुण और पारंगत एडीजीपी डी.सी.सागर की सोशल मीडिया के नशे से बचने के प्रेरणास्पद शोध कार्य संपादित होने का इंतजार जनता को रहेगा।
ज्ञात हो कि एडीजीपी डीसी सागर द्वारा यह शोध कार्य बरकत उल्लाह विश्वविद्यालय के CRIM शाखा के संचालक प्रोफेसर विवेक शर्मा और IPER के प्रोफेसर डॉ. हरीश सुधीर कुलकर्णी के सुपरविजन में किया जा रहा है।
एडीजीपी डी.सी.सागर 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं जो महामहिम राष्ट्रपति के वीरता पदक से अलंकृत हुए हैं। विधान सभा-2023 के उत्कृष्ट और कुशल संपादन के लिए म.प्र. मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा भी पुरस्कृत किया गया है। यह उत्साहवर्धक पुरस्कार म.प्र. महामहिम राज्यपाल महोदय से प्राप्त हुआ।











