क्या है संस्कृति IAS Coaching की भावी रणनीति? जानिए संस्कृति IAS के CEO श्री शिवेश मिश्रा सर से

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संस्कृति IAS कोचिंग UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाली देश की सर्वश्रेष्ठ संस्था है। इसकी सफलता का राज और कोचिंग की भावी रणनीति साझा करने के लिए आज हमारे साथ हैं संस्कृति IAS के CEO श्री शिवेश मिश्रा सर।

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सर संस्कृति IAS Coaching की स्थापना के पूर्व लम्बे समय तक दृष्टि IAS कोचिंग के CEO रहे हैं। सर का इस क्षेत्र में लगभग दो दशक से अधिक का अनुभव है। दृष्टि ias को छोड़कर संस्कृति IAS में आने का मुख्य उद्देश्य था कि वे सभी नवाचार किए जाएँ जो बाजारीकरण में डूबे दृष्टि IAS कोचिंग में रहकर संभव नहीं हो रहा था।

संस्कृति  ias की सफलता इस संस्था के  उद्देश्यों की प्राप्ति है। संस्था का उद्देश्य है प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे  अभ्यर्थियों को अपने कक्षा कार्यक्रम, अध्ययन-सामग्री और जाँच परीक्षाओं के माध्यम से परीक्षा के लिये सर्वश्रेष्ठ रूप से तैयार करना है ताकि समर्पित भाव से तैयारी करने वाला कोई भी अभ्यर्थी सिविल सेवक बनने के अपने सपने को साकार कर सके।

संस्कृति IAS के CEO श्री शिवेश मिश्रा सर से प्रश्न था कि संस्था में ऐसे क्या नवाचार किए हैं कि वर्तमान में आपकी संस्था देश की सर्वश्रेष्ठ संस्था  के रूप में स्थापित है?

सर ने कहा कि यह बहुआयामी  कार्यक्रमों और बहुस्तरीय प्रयासों का परिणाम है। संस्था ने उन सभी कमियों पर कार्य किया, जो सामान्यतः अन्य कोचिंग संस्थाओं में नजरअंदाज कर दिया जाता है। हमारी संस्था में  अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखकर अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि सिविल सेवा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी अपने सपनों को साकार कर सकें और अभिभावकों द्वारा किया जा रहा निवेश उत्पादक हो सके।

सर ने बताया संस्कृति IAS  में  कक्षा कार्यक्रम के अतिरिक्त अनेक कार्यक्रम चलाए गए हैं; जैसे-

  1. PGP (Prelims Guided Programme)- प्रारम्भिक परीक्षा में चयन दर बढ़ाने के लिए
  2. PREP (Prepration Enrichment programme)– प्रारम्भिक परीक्षा के लिहाज से अभ्यर्थियों को विषयवार अपडेट रखने के लिए
  3. MGP (Mains Guided Programme) मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए
  4. मेंटरशिप कार्यक्रम- परीक्षा के प्रत्येक चरण में मार्गदर्शन के लिए
  5. इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम– साक्षात्कार की तैयारी के लिए
  6. गरीब विद्यार्थियों के लिए स्कालरशिप प्रोग्राम की भी शुरुआत की गई है; आदि।

सर ने भावी रणनीति साझा करते हुए कहा है कि हमारी संस्था सफलता के उच्च स्तर को प्राप्त करने के साथ अब हर उस अभ्यर्थी तक पहुँचने का प्रयास कर रही है, जो प्रशासक बनने का सपना तो देख रहे हैं लेकिन उन्हें साकार करने में आर्थिक स्थिति बाधा बन रही है। ऐसे अभ्यर्थियों के सपनों को सच करने के लिए वर्तमान में अनेक प्रयास जारी हैं और कुछ रणनीतियाँ बनाई जा रही हैं। संस्था तक अभ्यर्थियों की आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली से संचालित हमारी संस्था संस्कृति IAS की एक शाखा प्रयागराज में भी है।

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