मेरा टिकट कटा नहीं है, मैंने खुद चुनाव लड़ने से मना किया- उमा भारती! जेपी नड्डा ये बात सार्वजनिक करें, नहीं तो…

लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 29 में से 24 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पहली सूची में फायर ब्रांड नेता उमा भारती का नाम नहीं आया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनको अनदेखा किए जाने की खबरें आई। अब उमा भारती ने खुद सामने आकर इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि उनका टिकट कटा नहीं है, उन्होंने खुद ही चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। इसकी वजह भी उन्होंने संगठन को बताई है। उमा भारती ने कहा कि मैं पार्टी की वरिष्ठ हूं मेरे सम्मान का ध्यान रखकर जेपी नड्डा को चुनाव न लड़ने की वजह जनता को बतानी चाहिए थी। उमा भारती ने आगे कहा कि पार्टी को जहां मेरी जरूरत पड़ेगी, मैं प्रचार करूंगी। मुझे स्टार प्रचारक घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है। मैं खुद को सुपरस्टार मानती हूं।

उमा भारती ने कहा, भाजपा की पहली लिस्ट जारी होते ही मुझे एक चर्चा का सामना करना पड़ा कि कहां से चुनाव लड़ रही हूं, क्यों नहीं लड़ी रही हूं। जबकि मैं संगठन के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति को 22 जनवरी को बता चुकी हूं कि दो साल चुनाव नहीं लड़ूंगी। अगले दो साल अपने आप को गंगा जी के कार्य में झोकना चाहती हूं। 2 साल मैं गंगा जी के काम को सम्पूर्ण करूंगी।

उन्होंने कहा कि जब 22 जनवरी को मैं राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान आगे की पंक्ति में बैठी थी तो अयोध्या आंदोलन की यादें ताजा हो गईं। मुझे लगा कि अशोक सिंघल की वजह से आज ये पल देखने को मिल रहा है। उनकी दृढ़ता का परिणाम था कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो पाई। लेकिन उसी समय मुझे एहसास हुआ कि मेरी दृढ़ता में कोई कमी रह गई जो गंगा का काम वहीं ठहर गया। इससे मेरा मन उन 5-6 घंटे में बहुत व्याकुल हुआ। उस समय मैं उनके के पास बैठी थी। मैंने उनसे कहा कि अगर मैं चुनाव लड़ी तो जनता और गंगा की सेवा दोनों काम एक साथ नहीं कर पाऊंगी। इसलिए मुझे दो साल के लिए पूरी स्वतंत्रता चाहिए। इस बीच मैं खुद को इस काम में झोंक दूंगी।

उमा भारती ने कहा कि गंगा में कोई विवाद नहीं है। इस पर सभी एक हैं। योजना बन चुकी है और मंजूरियां भी मिल चुकी हैं। बस गति कम हो गई है। पीएम मोदी की भी गंगा के कार्य में आस्था और रुचि रही है। इसकी जानकारी उन्हें देने के लिए बीएल संतोष को कहा था।

उमा भारती ने कहा, कल तक मैं इंतजार करती रही कि इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की तरफ से बयान आ जाए। मैंने उनको मेल भी किया। मैंने कहा कि मेरे जैसे कार्यकर्ता की वरिष्ठता का सम्मान करिए। जब मैं कारण बताते हुए चुनाव न लड़ने की बात कह चुकी हूं तो उसे जनता के सामने स्पष्ट कर दीजिए। मैं पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता हूं। ऐसे व्यक्ति के आत्मसम्मान का ध्यान रखना होगा। यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा साफ नहीं करेंगे तो मैं पत्र सार्वजनिक करूंगी। मैं उम्र में मोदी जी से छोटी हूं पर पार्टी में ज्यादा वरिष्ठ हूं। मैं अंतिम समय तक राजनीति करूंगी, बीजेपी में रहूंगी।

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