China को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत से फाइटर जेट खरीद सकता है ये देश

चीन की चालों से परेशान फिलिपींस इस समय अपने तटों की सुरक्षा के लिए भारत की तरफ देख रहा है. वह दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस के अलावा तेजस फाइटर जेट पर भी इंट्रेस्ट ले रही है. आइए जानते हैं कि फिलिपींस को तेजस और ब्रह्मोस से क्या फायदा होगा?

चीन की हरकतों से परेशान एक छोटे से देश ने उसे जवाब देने के लिए भारत से मदद ली. पहले ब्रह्मोस मिसाइल खरीदी. अब हल्के लड़ाकू विमान तेजस पर उसकी नजर है. यह देश आकार में भारत से 996 फीसदी छोटा है. आबादी सिर्फ 11.46 करोड़ रुपए हैं. यह महाराष्ट्र की आबादी से थोड़ी ही ज्यादा है. 

यह देश है फिलिपींस. इस देश की आर्मी यह चाहती है कि उसके तटों पर एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइलों को तैनात किया जाए.इसके पहले फिलिपींस की मरीन कॉर्प्स ने एंटी-शिप ब्रह्मोस मिसाइलों की तीन बैटरी खरीदी है. सिर्फ इतना ही नहीं फिलिपींस की वायुसेना उसके फाइटर जेट्स के लिए तेजस फाइटर जेट पर विचार कर रही है.
 

फिलिपींस को 12 से 16 फाइटर जेट की जरूरत है. इसलिए वह तेजस फाइटर जेट और उससे दागी जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइलों पर भी विचार कर रही है. अगर फिलिपींस भारत के साथ यह डील करता है, तो चीन के लिए यह बड़ी मुसीबत होगी. क्योंकि तेजस फाइटर जेट और ब्रह्मोस मिसाइल का कॉम्बीनेशन बेहद खतरनाक है. 

पिछले साल फिलिपींस कोस्टगार्ड के प्रमुख हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारतीय नौसेना के बेस पर आए थे. उन्होंने एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर में उड़ान भी भरी थी. वो इस हेलिकॉप्टर को लेकर भी अपना इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं. अब मुद्दा ये है कि किस तरह से तेजस और ब्रह्मोस फिलिपींस की सुरक्षा कर पाएंगे?

भौगोलिक स्थिति ऐसी कि चारों तरफ सिर्फ समंदर ही समंदर

फिलिपींस का कुल क्षेत्रफल 343,448 वर्ग किलोमीटर है. यह दक्षिणी चीन सागर (South China Sea) में छोटे-छोटे 7641 द्वीपों यानी आइलैंड्स का एक समूह है. दक्षिणी चीन सागर पश्चिम में है. फिलिपीन सागर पूर्व और सेलेबेस सागर दक्षिण में है. फिलिपींस अपनी समुद्री सीमा ताइवान, जापान, पलाऊ, इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम और चीन के साथ बांटता है. यह दुनिया का 12वां सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है
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ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से क्या फायदा होगा… 

ब्रह्मोस दुनिया की गिनी-चुनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है, जो कहीं से भी दागी जा सकती है. फिलिपींस को एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइलें चाहिए. ब्रह्मोस की छह से ज्यादा वर्जन हैं. 1200 किलो से लेकर 3000 किलो वजन तक की ये मिसाइलें 20 से 28 फीट लंबी होती हैं.

200 से 300 kg परमाणु या पारंपरिक हथियार ले जा सकती है. यह मिसाइल 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है. 290 से लेकर 800 किलोमीटर तक की रेंज है. अच्छी बात ये है कि यह समंदर से कुछ फीट ऊपर उड़ान भरती है. इसलिए राडार पर दिखती नहीं है. स्पीड 3704 किलोमीटर प्रतिघंटा.

तेजस की कौन सी खासियत पर फिदा है फिलिपींस

तेजस का आकार छोटा है इसलिए इस समय दुनिया का कोई भी रडार सिस्टम इसे फाइटर जेट की श्रेणी में रखता ही नहीं. इसलिए यह दुश्मन में पकड़ नहीं आएगा. लंबाई 43.4 फीट, ऊंचाई 14.5 फीट और विंगस्पैन 26.11 फीट है. इस फाइटर जेट क्लोज-एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशन में मददगार है

इसकी अधिकतम गति 1980 km/hr है. कुल रेंज 1850 KM है. अधिकतम 53 हजार km की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें आठ हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी आठ अलग-अलग तरह के हथियार लगा सकते हैं. इसमें S-8 रॉकेट्स के पॉड्स लगा सकते हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें R-73, I-Derby, Python-5 लगे हैं. भविष्य में ASRAAM,  Astra Mark 1 और  R-77 की प्लानिंग भी है. 

हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें Kh-59ME, Kh-59L, Kh-59T, AASM-Hammer लगी हैं. BrahMos-NG ALCM को लगाने की योजना है. इसमें ऐसे-ऐसे हथियार हैं कि तेजस हमला करे तो दुश्मन की हालत पस्त होनी तय है.

रुद्रम-ब्रह्मोस जैसी खतरनाक मिसाइलों से लैस

एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम को लगाया जाएगा. फिलहाल इसमें एंटी-शिप मिसाइल Kh-35 और Kh-59MK लगे हैं. अगर बम की बात करें तो इसमें चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन जैसे- स्पाइस, JDAM, HSLD, DRDO Glide Bombs और DRDO SAAW. 

लेजर गाइडेड बम जैसे KAB-1500L, GBU-16 Paveway II, सुदर्शन और Griffin LGB. क्लस्टर म्यूनिशन जैसे RBK-500. अनगाइडेड बम जैसे  ODAB-500PM, ZAB-250/350, BetAB-500Shp, FAB-500T, FAB-250, OFAB-250-270, OFAB-100- 120 लगा सकते हैं. 

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