*ऐसे लिखी गई संजयसिंह की गिरफ्तारी की पटकथ*
दिल्ली पुलिस ने संजय सिंह की रिहाई की मांग कर रहे आप कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। जबकि कोर्ट ने संजय की न्यायिक हिरासत 10 नवंबर तक बढ़ा दी है। उनकी हिरासत खत्म हो रही थी। इस केस में मनीष सिसोदिया फरवरी से ही जेल में हैं।
*कैसे लिखी गई संजय सिंह को आरोपी बनाने की पटकथा—*
*(1)* कुछ दिन पहले भाजपा ने आंध्र प्रदेश में TDP को किनारे करके वाइएसआर पार्टी यानी सत्तारूढ़ जगन सरकार के साथ ही रहने का फैसला लिया।
*(2)* फिर मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के करीबी और वाइएसआर पार्टी के सांसद एमएस रेड्डी और उनके बेटे राघव को दिल्ली के आबकारी नीति मामले से मुक्त कराने की डील हुई।
*(3)* डील थी कि जेल में बंद एमएस रेड्डी के बेटे राघव को ED का सरकारी गवाह बनाया जायेगा। बदले में राघव कुछ बयान देंगे। कुछ दिन बाद यानी 2 महीने पहले राघव को जमानत दे दी गई।
*(4)* राघव के साथ व्यवसाई दिनेश अरोड़ा को भी ED का गवाह बनाने की डील हुई।
*(5)* ‘द हिंदू’ के मुताबिक 3 अक्टूबर को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने दिनेश अरोड़ा और राघव को ED का गवाह बनने की अनुमति दे दी।
*(6)* इन दोनों का ED का गवाह बनते ही संजय सिंह को घेरने का रास्ता आसान हो गया।
*(7)* मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी गवाहों ने बयान दिया कि संजय सिंह ने उनको सिसोदिया और केजरीवाल से मिलवाया था। बस, अगले ही दिन 4 अक्टूबर को संजय सिंह के यहां छापे पड़े और गिरफ्तारी हुई। सारा षड्यंत्र 24 घंटे में ही पूरा हो गया।
*(9)* इससे जो असली आरोपी थे उन्हें राहत दे दी गई और उनकी जगह विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले संजय सिंह को जेल में डाल दिया गया।
राफेल विमान सौदे में हुए घोटाले, अडाणी समूह में 32 हजार करोड़ रुपए कहां से आए, उसके मुंद्रा शिपयार्ड में आई अरबों-खरबों रुपए की ड्रग्स का क्या हुआ, पुलवामा की आतंकी घटना और दो वांटेड आतंकवादियों को गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली लाते हुए पकड़े गए जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह का क्या हुआ, प्रिंटिंग प्रेस से रिजर्व बैंक भेजे गए 88 हजार करोड़ रुपए के 500 रुपए के नोट कहां और कैसे गायब हो गए, नोटबंदी के दौरान बैंक में 14,860 करोड़ रुपए नकद जमा करने वाले गुजराती व्यापारी महेश शाह का क्या हुआ, चीन ने सीमा पर कितने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया, मणिपुर की स्थिति कैसी है आदि सैकड़ों मामलों की न कोई जांच होगी और न ही कोई बात की जायेगी।











