Indore: इंदौर केे केट परिसर में पिंजरे में रखा भोजन खाने आया पिंजरा हुआ कैद

तीन दिन से पिंजरे खाली थे, लेकिन गुरुवार रात तेंदुआ खाने की तलाश में पिंजरे में आ गया और पिंजरा बंद हो गया। जब सीआरपीएफ के जवान देखने पहुंचे तो वह उन्हें देख गुर्रा रहा था। बाद में उसे प्राणी संग्रहालय लाया गया।

बीते दस दिनों से  केट परिसर और आसपास की टाउनशिपों के रहवासियों के लिए डर की वजह बना तेंदुआ  आखिरकार गिरफ्त में आ गया। भूखा तेंदुआ पिंजरे में रखे मांसाहारी भोजन को खाने के चक्कर में कैद हो गया। सुबह सीआरपीएफ के जवानों ने उसे देखा और वन विभाग को सूचना दी। तेंदुआ नर है और पूरी तरह स्वस्थ है। उसे जांच के लिए प्राणी संग्रहालय लाया गया है।

दस दिन पहले अतिसुरक्षित माने जाने वाले केट परिसर में तेंदुआ नजर आया था। तब वन विभाग की टीम ने उसे खोजा, लेकिन नहीं मिला। उसके फुटप्रिंट भी जरुर मिले थे। इसके बाद परिसर में जगह-जगह पिंजरे लगाए गए थे

तीन दिन से पिंजरे खाली थे, लेकिन गुरुवार रात तेंदुआ खाने की तलाश में पिंजरे में आ गया और पिंजरा बंद हो गया। जब सीआरपीएफ के जवान देखने पहुंचे तो वह उन्हें देख गुर्रा रहा था। बाद में उसे प्राणी संग्रहालय लाया गया। जू प्रभारी डाॅ. उत्तम यादव ने बताया कि तेंदुए की जांच की जा रही है, हालांकि वह स्वस्थ है।

जंगल वाले हिस्से में घूम रहा था

केट परिसर1600 एकड़ में फैला हुआ है। उसके कुछ हिस्से में घना जंगल है। तेंदुआ वहां नजर आया था। केट परिसर से सटी काॅलोनियों के रहवासियों को भी वन विभाग के अफसरों ने शाम को अकेले न निकलने की हिदायत दी थी। रहवासियों ने तेंदुए से सावधान रहने के पोस्टर्स भी लगाए थे। इंदौर में इससे पहले इंफोसिस कैम्पस, आईआईटी परिसर और गांधी नगर क्षेत्र में भी तेंदुआ नजर आ चुका है। अफसर यह भी देख रहे है कि गांधी नगर क्षेत्र में नजर आने वाला तेंदुआ कही पिंजरे में कैद  हुआ तेंदुआ ही तो नहीं है।

 

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