पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हिंदू मतों के ध्रुवीकरण की साज़िश का हिस्सा तो नहीं?
27 अक्टूबर को मुकेश अंबानी को कथित रूप से किसी शादाब खान द्वारा ईमेल से उड़ा देने की धमकी दी गई। जिसे 27 अक्टूबर से 4 नवंबर की सुबह तक पूरे गोदी मीडिया और प्रोपेगंडा-तंत्र ने खूब हवा देते हुए मुसलमानों के विरुद्ध ज़हरीला वातावरण बनाने का काम किया।
पुलिस भी शादाब खान को ही ढूंढती रही। मुंबई पुलिस ने बताया कि इस दौरान मुकेश अंबानी को वसूली के लिए पांच ईमेल भेजे गए। जिनमें लिखी रकम पहले वाले से बढ़कर होती। जो 20 करोड़ रुपए से बढ़ते हुए 400 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। साथ ही रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी जाती रही।
गामदेवी (मुंबई) पुलिस ने ईमेल भेजने वाले के आइपी एड्रेस की जांच कर बताया कि आरोपी की पहचान गणेश रमेश वनपारधी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे 8 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
नौ दिन तक आरोपी को मुसलमान बताते हुए गोदी मीडिया ने तूफान खड़ा कर रखा था लेकिन जैसे ही पता चला कि इस मामले में तेलंगाना से पकड़ा गया व्यक्ति शादाब खान नहीं बल्कि एक हिंदू गणेश रमेश वनपारधी है तो सारे प्रोपेगंडा-तंत्र को सांप सूंघ गया है।
इसलिए सवाल उठता है कि कहीं यह पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए हिंदू मतदाताओं के ध्रुवीकरण की साज़िश का हिस्सा तो नहीं है?










