विंध्य का छपरी कलाकार जल्द होगा सलाखों के पीछे…..

रीवा। सस्ती लोकप्रियता और घमंड के नशे में चूर होकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कीचड़ उछालने वालों को उनकी असली औकात दिखाना बेहद जरूरी हो गया है। रीवा के सिविल लाइंस थाने में तथाकथित छपरी कलाकार अविनाश तिवारी के खिलाफ गाली-गलौज और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296(b) और 352 के तहत एफआईआर (क्र. 0317) दर्ज हो चुकी है।
पत्रकार Arpit Pandey और अन्य कलमकारों की शिकायत पर दर्ज इस मामले ने साफ कर दिया है कि जुबान की मर्यादा भूलने वालों का इलाज सिर्फ कानून के पास है। एक वायरल ऑडियो में विंध्य क्षेत्र के पत्रकारों को अशिक्षित, शराबी बताकर मां-बहन की गंदी गालियां बकने वाले इस तथाकथित कलाकार को शायद यह मुगालता हो गया था कि वह जो चाहे बक सकता है।
दिन-रात धूप, धूल और जोखिम के बीच जनता की आवाज उठाने वाले पत्रकारों का अपमान करने की हिम्मत किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया पर खुद को स्टार समझने वाले यह भूल जाते हैं कि समाज को दिशा देने वाली कलम जब न्याय की मांग पर अड़ जाती है, तो फर्जी शोहरत का गुब्बारा फूटते देर नहीं लगती।
अब पुलिस की कानूनी कार्रवाई तो होगी ही, लेकिन इस बदजुबानी का जवाब समाज और मीडिया बिरादरी भी पूरी ताकत से देगी। कानूनी हथकड़ियों के साथ-साथ सवालों के कटघरे में खड़े होने के लिए तैयार रहो, क्योंकि पत्रकारों की अस्मिता से खिलवाड़ करने की कीमत अब चुकानी ही पड़ेगी।

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