ये हैं विभा सिन्हा — बिहार की वह माँ, जिन्होंने अपने नेत्रहीन बेटे आईएएस रवि राज सिन्हा को हर रोज़ 10-10 घंटे किताबें पढ़कर सुनाईं।
अंधेरे में भी रोशनी का रास्ता दिखाने वाली ये माँ, अपनी अथक मेहनत और लगन से बेटे को यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक 20 दिलवा कर लाईं।
माँ सिर्फ बच्चे को जन्म नहीं देती, वो उसे सपनों तक पहुँचाने का पुल भी बन जाती है।
समाज की सच्ची रचनाकार हैं माँएँ।
दुनिया में 90 प्रतिशत अच्छे लोग हैं, यह बहुमत का श्रेय माँओं को जाता है,उनके संस्कार को जाता है
भगवान से भी ज़्यादा अच्छा स्ट्राइक रेट है माँ का —
क्योंकि भगवान तो सिर्फ देता है, लेकिन माँ वो भी दे देती है जो भगवान ने नहीं दिया।
माँ, तुझे सादर प्रणाम।
तुम्हारी ममता और त्याग की मिसाल कभी नहीं मिटेगी।










