गाड़ी है बंगला है और बैंक बैलेंस भी, हैरान कर देगी ‘धनकुबेर’ महिला भिखारी की कहानी

इंदौर पुलिस ने भीख मांगने वाले गिरोह का खुलासा किया है. इस गिरोह की सरगना एक महिला है. उसकी हर महीने की कमाई दो लाख रुपये से अधिक है. इस महिला के पास गाड़ी है, बंगला है और बैंक बैलेंस भी है. उसने पुलिस की पूछताछ में कहा कि रोजगार तो मिलता नहीं, पेट भरने के लिए वह भीख मांगती है, चोरी नहीं करती

मध्य प्रदेश में इंदौर की सड़कों पर भीख मांगने वाली इंदिरा बाई को हल्के में मत लीजिए, उसके पास गाड़ी है, बंगला है और अच्छा खासा बैंक बैलेंस भी है. काम दो घंटा सुबह और दो घंटे शाम का और पैकेज 24 लाख रुपये से भी अधिक है. वह खुद भी भीख मांगती है और अपने साथ 5 बच्चों को भी रखा है. यह सभी अलग अलग चौराहों पर भीख मांगते हैं. हालांकि यह सच्चाई सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने इंदिराबाई को अरेस्ट कर लिया है. वहीं उसके चंगुल से मुक्त कराकर पांचों बच्चों को बाल शेल्टर भेज दिया गया है
पुलिस की पूछताछ में इंदिराबाई ने बताया कि दो साल पहले उसने भीख मांगना शुरू किया था. कमाई अच्छी होने लगी तो पहले अपनी बेटी को इस धंधे में उतारा. फिर उसने चार और बच्चों को भी इस काम में लगा दिया. अब वह हर महीने दो लाख रुपये से अधिक कमा रही है. बीते 45 दिनों में ही उसने तीन लाख रुपये से अधिक की रकम बैंक खाते में जमा कर ली है. उसने बताया कि रोजगार तो आसानी से मिलता नहीं, चोरी वह कर नहीं सकती. इसलिए भीख मांग लेती है. इसमें बुराई भी कुछ नहीं है.

बिना इनवेस्ट के शुद्ध कमाई
उसने बताया कि बिना इनवेस्ट के शुद्ध कमाई हो रही है. उसने बताया कि भीख से होने वाली कमाई से उसने पहले शानदार घर बनवाया. एक महंगा सा स्मार्ट फोन खरीदा. करीब एक करोड़ की लागत का यह दो मंजिला घर बंगले की तरह का है. इसके बाद उसने गाड़ी खरीदी. अब वह लगातार अपना बैंक बैलेंस बढ़ा रही है. वह कहती है कि अपना स्मार्टफोन अपने साथ रखती तो है, लेकिन काम के दौरान उसका इस्तेमाल नहीं करती.

उज्जैन मार्ग पर भीख मांगती है
इंदिरा कहती है कि पूरे शहर में भीख नहीं मांगती, बल्कि वह अपने बच्चों के साथ केवल इंदौर से उज्जैन जाने वाले मार्ग पर ही अपने बच्चों के साथ अलग अलग स्थान पर खड़ी होती है. खासतौर पर अरबिंदो हॉस्पिटल के पास वह खुद खड़ी होती है. पुलिस ने बताया कि इंदिरा बाई ने लवकुश चौराहे को अपना ठिकाना बनाया था. यहां वह उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं को टारगेट करती थी. ऐसे श्रद्धालु भीख देने में परहेज भी नहीं करते. बल्कि जेब से जितनी रकम निकल जाए दे देते हैं.

9 फरवरी को हुई गिरफ्तारी
एक एनजीओ की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने 9 फरवरी को इंदिरा को उसकी बेटी के साथ पकड़ा था. उस समय पास में ही भीख मांग रहा उसका पति और बच्चे वहां से भाग गए थे. पुलिस के मुताबिक उस समय तलाशी के दौरान इंदिरा के पास 19500 रुपये मिले थे. यह एक दिन की कमाई थी. वहीं उसकी बेटी के पास से भी 600 रुपये बरामद हुए थे. पुलिस की पूछताछ में इंदिरा ने बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान के कोटा की रहने वाली है. उसने बताया कि महाकाल लोक बनने के बाद यहां पर्यटक खूब आने लगे हैं. इससे उसकी कमाई भी बढ़ी है

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