मध्य प्रदेश में अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने जिले के सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को स्वच्छता के निर्धारित मानकों की प्राप्ति हेतु विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों को समन्वित एवं परिणाममुखी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्गों एवं चिन्हित रेड और येलो स्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए नियमित सफाई अभियान संचालित किए जांए। बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाए, ताकि प्रातःकाल शहर स्वच्छ एवं व्यवस्थित दिखाई दे। कलेक्टर श्री पंचोली आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में नगरीय निकायों के अधिकारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में जिले को उत्कृष्ट स्थान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में निर्देशित कर रहे थे।
कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि कचरा संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक ट्विन-बिन (डस्टबिन) स्थापित किए जांए तथा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, जीवनदायिनी नदियों एवं उनके घाटों की नियमित सफाई एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जलभराव की समस्या से बचाव हेतु मुख्य नालियों की नियमित सफाई पर विशेष बल दिया।
बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने निर्देशित किया कि जिले के सभी सार्वजनिक शौचालय शत-प्रतिशत क्रियाशील स्थिति में रहें तथा उनकी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त स्वच्छता कार्य में प्रयुक्त सभी तकनीकी उपकरण एवं वाहन सदैव कार्यशील अवस्था में रखे जांए, जिससे कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप देने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। पोस्टर, बैनर एवं विज्ञापनों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही ‘सिटिजन एप’ से अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़कर उनकी प्रतिक्रिया एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत स्त्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण, संग्रहण एवं परिवहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता सेवाओं की उपलब्धता, उपयोगिता जल प्रबंधन, सेवाओं का मशीनीकरण, जनजागरूकता, पारिस्थितिकी संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, सफाई कर्मचारियों का कल्याण तथा नागरिक फीडबैक एवं शिकायत निवारण जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कर जिले को स्वच्छता सर्वेक्षण में अग्रणी स्थान दिलाने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकायों में ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त कर पेयजल आपूर्ति हेतु प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भीषण गर्मी के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की जल समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जांए। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों एवं आपूर्ति किए जा रहे जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण कराने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में जल स्तर में गिरावट के कारण जल आपूर्ति बाधित हो रही है, वहां टैंकरों के माध्यम से नियमित जल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण सुश्री प्राशी अग्रवाल तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी सहित संबंधित निकायों के अभियंता उपस्थित रहे।










