tet अनिवार्यता पर कुछ अति महत्वपूर्ण कानूनी परिचर्चा:-
RTE (Right to Education Act) 2009 की धारा 23(1) के अनुसार, केंद्र सरकार स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए एक शैक्षणिक प्राधिकरण नियुक्त करेगी।
इसी के तहत “31 मार्च 2010” को Ministry of Human Resource Development ( #MHRD ) ने National Council for Teacher Education (NCTE) को शैक्षणिक प्राधिकरण नियुक्त किया।
MHRD के निर्देशानुसार, #NCTE ने धारा 23(1) के तहत शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित की और “23 अगस्त 2010” को एक अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना में कहा गया कि RTE Act, 2009 के अंतर्गत अधिनियम से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए कुछ छूट दी गई है, जो पैरा 4 और 5 में वर्णित है—
पैरा-4. – अधिसूचना की तिथि से पहले नियुक्त शिक्षक:
इस अधिसूचना की तिथि से पहले कक्षा I से VIII तक नियुक्त निम्नलिखित श्रेणी के शिक्षकों को पैरा (1) में निर्दिष्ट न्यूनतम योग्यता प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है—
3 सितंबर 2001 से लागू NCTE (Determination of Minimum Qualifications for Recruitment of Teachers in Schools) Regulations, 2001 (समय-समय पर संशोधित) के अनुसार नियुक्त शिक्षक।
शर्त के साथ, कक्षा I से V के वे शिक्षक जिनके पास B.Ed या B.Ed (Special Education) या D.Ed (Special Education) की योग्यता है, उन्हें NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त 6 माह का विशेष प्राथमिक शिक्षा प्रशिक्षण करना होगा।
कक्षा I से V के वे B.Ed धारक शिक्षक जिन्होंने NCTE द्वारा अनुमोदित 6 माह का Special BTC कोर्स पूरा किया है।
3 सितंबर 2001 से पहले प्रचलित भर्ती नियमों के अनुसार नियुक्त शिक्षक।
पैरा-5- कुछ मामलों में अधिसूचना के बाद नियुक्त शिक्षक:
जहाँ किसी उपयुक्त सरकार, स्थानीय प्राधिकरण या स्कूल ने इस अधिसूचना से पहले शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने हेतु विज्ञापन जारी किया है, वहाँ नियुक्तियाँ NCTE Regulations, 2001 के अनुसार की जा सकती हैं।
इसके बाद, “29 जुलाई 2011” को #NCTE ने इस अधिसूचना में संशोधन करते हुए पैरा 5(क) में स्पष्ट किया कि- “29 जुलाई 2011 से पहले जिन भर्ती प्रक्रियाओं के लिए विज्ञापन प्रकाशित हुए थे, वे NCTE Regulations, 2001 के अनुसार ही संचालित होंगी”।
Note 👉 उल्लेखनीय है कि 2001 के इन नियमों में TET का कोई प्रावधान नहीं था।
इसके अतिरिक्त, 20 अगस्त 2013 को त्रिपुरा सरकार ने MHRD से पूछा कि क्या 23 अगस्त 2010 से पहले जारी विज्ञापनों के मामलों में TET आवश्यक है❓
5 सितंबर 2013 को MHRD ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में TET आवश्यक नहीं है।
18 मार्च 2014 को NCTE ने Uttar Pradesh सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त इन-सेवा शिक्षक केवल प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, उन्हें TET उत्तीर्ण करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनकी नियुक्ति NCTE Regulations, 2001 के तहत हुई थी।
पत्र का अंश:
“…25/08/2010 से पहले नियुक्त अप्रशिक्षित इन-सेवा शिक्षक अधिसूचना 23.08.2010 की धारा 4 एवं 5 के अंतर्गत आते हैं। इसलिए उन्हें 03.09.2001 के NCTE Regulations के अनुसार आवश्यक पेशेवर योग्यता प्राप्त करनी चाहिए। अतः इस श्रेणी के शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य नहीं है।”
इसके बाद, 14 जून 2016 को NCTE ने MHRD को सूचित किया कि Punjab सरकार द्वारा नियुक्त 3,807 शिक्षा प्रदाताओं (Education Providers), जो 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त हुए थे, के लिए TET आवश्यक नहीं है, बशर्ते वे 2001 के नियमों के अनुसार योग्य हों।”
अंततः, 31 अगस्त 2016 को MHRD ने पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर बताया कि इन 3,807 शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य नहीं है। यह निर्णय NCTE के 14 जून 2016 के स्पष्टीकरण के आधार पर लिया गया।
उपरोक्त से एकदम स्प्ष्ट है कि “29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षक या जिनकी भर्ती प्रक्रिया उससे पहले शुरू हुई थी, उनके लिए TET अनिवार्य नहीं है। वे NCTE Regulations, 2001 के अंतर्गत आएंगे और उन्हें केवल आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।”
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