शहडोल/धनपुरी: 8 फरवरी को मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान शहडोल जिले में न्याय की एक बड़ी गुहार गूंजने वाली है। जिले के सजग पत्रकार ने बुढार (भूतही मोहल्ला) के एक कुख्यात तांत्रिक ‘पाठक’ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधे मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। मामला केवल ठगी का नहीं, बल्कि ‘मानव कंकाल’ का भय दिखाकर एक परिवार की जीवन भर की जमापूंजी हड़पने और रसूखदारों के संरक्षण का है।
‘मानव मुंड ‘ का डर और* *करोड़ों की वित्तीय डकैती
पत्रकार कल धनपुरी में मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित होकर यह खुलासा करेंगे कि कैसे उक्त तांत्रिक पाठक ने तंत्र-मंत्र की आड़ में उनके हंसते-खेलते परिवार को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया। आरोप है कि इस पाखंडी ने ‘मौत और अनिष्ट’ का ऐसा मनोवैज्ञानिक डर बिठाया कि पीड़ित के बड़े भाई की जीवन भर की कमाई— ग्रेच्युटी, पीपीएफ (PPF) और एफडी (FD) के सारे पैसे हड़प लिए। तंत्र-क्रियाओं के नाम पर घर के जेवर और नकदी भी साफ कर दी गई।
गौ-तस्करी और गोलोचन सिंडिकेट का ‘कवच’
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि उक्त तांत्रिक को क्षेत्र के उन सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त है, जो गौ-तस्करी और गोलोचन जैसे अवैध धंधों में संलिप्त बताए जाते हैं। इसी रसूख के दम पर यह तांत्रिक पुलिस और कानून को चुनौती दे रहा है। पीड़ित पत्रकार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस ‘नर मुंड-पिशाच’ पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए और ठगी गई मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए।
सुशासन की कसौटी पर प्रशासन
मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक पहले एक पत्रकार द्वारा अपनी ही पीड़ा को लेकर उठाया गया यह कदम प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है। जिले में चर्चा है कि क्या ‘पाठक’ जैसे अंधविश्वास के सौदागर और उसे संरक्षण देने वाले माफियाओं पर प्रदेश का मुखिया कड़ा प्रहार करेगा? पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि उसके पास इस शोषण के तमाम ठोस साक्ष्य मौजूद हैं, जो वह सीधे शासन को सौंपेंगे।









