सूत्रोगेसी के जरिए मां बनने वाली महिला कर्मचारियों को अब 180 दिन और पुरुष कर्मचारियों को 15 दिन का मातृत्व और पितृत्व अवकाश मिलेगा। राज्य के वित्त विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार वर्ष 2011 से महिला कर्मचारियों को 180 दिन और पुरुष कर्मचारियों को 15 दिन का मातृत्व अवकाश दे रही है
सरोगेसी के लिए राज्य सरकार का यह नया अवकाश नियम शुक्रवार से लागू हो गया है। वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, राज्य की कोई महिला कर्मचारी दो से कम जीवित बच्चों वाली सरोगेट मां बनने पर 180 दिन के मातृत्व अवकाश की पात्र होगी
ये शर्तें पूरी करनी होंगी
हालांकि, संबंधित महिला कर्मचारियों को सरोगेसी अधिनियम 2021 की धारा 4 (बी) में निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा। इसी तरह, एक महिला कर्मचारी जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं, वह कमीशनिंग मदर (सरोगेसी के माध्यम से जैविक मां) के रूप में 180 दिनों के मातृत्व अवकाश के लिए पात्र होगी
अधिसूचना में कहा गया है कि मातृत्व और पितृत्व अवकाश की सुविधा का लाभ उठाने के लिए, सरोगेट मां और कमीशनिंग माता-पिता को सरोगेसी पर एक समझौता और पंजीकृत डॉक्टर और अस्पताल से प्राप्त चिकित्सा दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे
इसी तरह, यदि राज्य सरकार का कोई पुरुष कर्मचारी दो से कम जीवित बच्चों के साथ कमीशनिंग पिता (सरोगेसी का जैविक पिता) बन जाता है, तो उसे बच्चे के जन्म की तारीख से छह महीने के भीतर 15 दिनों का पितृत्व अवकाश मिलेगा
चिकित्सा दस्तावेज दिखाने होंगे
इसके अलावा यदि सरोगेट मां और कमीशनिंग मां राज्य सरकार की कर्मचारी हैं, तो उन दोनों को 180 दिनों के मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि मातृत्व और पितृत्व अवकाश की सुविधा का लाभ उठाने के लिए, सरोगेट मां और कमीशनिंग माता-पिता को सरोगेसी पर एक समझौता और पंजीकृत डॉक्टर और अस्पताल से प्राप्त चिकित्सा दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे










