मध्य प्रदेश में इन दिनों पढ़ रही भीषण गर्मी के बीच शनिवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसका असर निमाड़ क्षेत्र में ज्यादा देखा गया, जहां खरगोन जिले के भीकनगांव, खंडवा जिले के जसवाड़ी सहित बुरहानपुर जिले के कई गांवों में घरों में लगी टीन की छतें उड़ गई और कई जगह कच्चे मकान की दीवारें ढह गई। पेड़ों के गिरने से कई रास्ते बंद हो गए। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नुकसान का सामना करना पड़ा। भीकनगांव में एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से उसके नीचे करीब आधा दर्जन बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं दबने से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए ग्रामीणों की मदद से भीकनगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
दरअसल, शनिवार से शुरू हुए रोहिणी नक्षत्र और नव तपे के पहले दिन ही प्रदेश सहित निमाड़ क्षेत्र जमकर तपे। निमाड़ क्षेत्र के सभी जिलों में तापमान लगभग 45 डिग्री के पार ही रहा। लेकिन, देर शाम होते अचानक कई क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ ही बारिश होने लगी। इस दौरान आंधी के चलते ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के घरों की टीन की छतें उड़ गई।
खरगोन के भीकनगांव थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम कमोद वाड़ा और मोरवा में रास्तों पर पेड़ गिरने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, यहां के ग्राम मोरदड़ में एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से उसके नीचे आधा दर्जन लोग दब कर घायल हो गए। जिन्हें ग्रामीणों की मदद से तुरंत बाहर निकाला गया और 108 एंबुलेंस की सहायता से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीकनगांव ले जाया गया। दीवार गिरने की सूचना पर जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है।










