सीहोर जिले में भैरूंदा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आमजन को होम लोन दिलाने वालों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव की फर्जी सील तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर करते थे। पुलिस ने बड़ी संख्या में फर्जी सील व कागजात जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 16 मई को पुलिस को फरियादी खंड पंचायत के अधिकारी अशोक कुमार ने थाना रिपोर्ट कर बताया कि उनके ग्राम पंचायत जैसे ग्राम गिल्लौर, सीगांव, छिदगांव मौजी, पलासीकलां, इटावाखुर्द, राला, सिराली, लाचौर के लोन आवेदन फाइल का एसडीएम भैरूंदा मदन सिंह रघुवंशी, सीईओ जनपद भैरूंदा एवं टीम द्वारा अवलोकन करने पर उसमें पंचायत सचिव व सरपंच के हस्ताक्षर में भिन्नता पाई गई। उनके द्वारा आवेदनकर्ताओं को बुलाया गया। जांच की गई तो पाया गया कि AVIOM इंडिया हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के लोन अधिकारी हर्ष परमार तथा कंपनी के अन्य लोगों द्वारा होम लोन दिलाने के लिए फर्जी तरीके से ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव की फर्जी सील तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर कर आमजन को होम लोन दिया जा रहा है, जिनकी रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 245/24 धारा- 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसडीओपी दीपक कपुर के मार्गदर्शन प्राप्त कर थाना प्रभारी भैरूंदा द्वारा अपराध क्रमांक 245/24 धारा- 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि में आरोपीगण हर्ष परमार पिता पुष्प परमार, योगेश उईके पिता कमलेश उईके व अन्य की तलाश हेतु टीम गठित गई। विवेचना के दौरान आरोपी हर्ष परमार निवासी किराए के मकान ऋषिनगर कालोनी भैरूंदा को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई, जिसने अपराध करना स्वीकार किया। अपने कथनों में अपने साथी योगेश उईके व राजा मालवीय के साथ फर्जी सील, फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी कागजात तैयार कर लोगों को लोन दिलाने का अपराध स्वीकार किया। बाद में आरोपी हर्ष परमार द्वारा पेश करने पर फर्जी भू अधिकार प्रमाण पत्र बिना भरा फार्म 03, नामांतरण फार्म 03, भवन निर्माण अनुमति प्रमाण पत्र बिना भरा फार्म 03, नक्शा पार्क बिना भरा फार्म 03, अनापत्ति प्रमाण पत्र बिना भरा फार्म 03 कुल 15 कागजात विधिवत जब्त कर आरोपी हर्ष परमार को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया।
आरोपी योगेश पिता कमलेश उईके उम्र 31 साल निवासी ग्राम गिल्लौर की तलाश पर मिलने पर उसे हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ किया, जिसने अपराध करना स्वीकार किया। अपने कथनों में बताया कि उसने घटना की रिपोर्ट के संबंध में सुनकर घटना से जुड़े सभी दस्तावेज अपने घर के सामने जला दिये थे, जो अध जले हैं। उन्हें पेश करने पर चार फाइलें, ग्रे कलर का बैग, 4 क्लिप लोहे की जली हुई, जली हुई फाइलों के कागज व जली हुई सील पैड, जिसे विधिवत् जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया। बाद में दोनों आरोपियों को न्यायालय पेश करने पर न्यायालय द्वारा को जेल भेजा गया।
आरोपीगण के मेमो अनुसार, फर्जी सील बनाने वाले आरोपी राजा मालवीय की तलाश की गई।विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी राजा अपनी दुकान सीहोर में है। बाद में सूचना तस्दीक हेतु रवाना होकर आरोपी की दुकान सीहोर पहुंचे। जहां आरोपी राजा मालवीय अपनी दुकान में मिला, जिससे नाम पता पूछने पर अपना नाम राजा उर्फ सुरेश मालवीय पिता किशोरलाल मालवीय उम्र 25 साल निवासी दशहरा वाला बाग सीहोर का बताया। घटना के संबंध पूछताछ करने पर अपराध करना स्वीकार कर अपनी दुकान में रखा एक एचपी कंपनी का सीपीयू जिसके अंदर हार्ड डिस्क व एसएसडी कार्ड लगा हुआ तथा एचपी कंपनी का प्रिंटर एक स्टामर मशीन (रबर की सील बनाने वाली मशीन), एक काले रंग की प्लास्टिक की एक लीटर वाली बाटल जिसके अंदर रबरसील बनाने का प्लास्टिक पेस्ट भरा हुआ, 11 रबर सील के हैण्डल, हरे पीले रंग के व एक इंक सील पैड पेश करने पर विधिवत् जब्त किया गया। मौके से आरोपी राजा मालवीय उर्फ सुरेश पिता किशोरीलाल मालवीय उम्र 25 साल निवासी वार्ड नं. 03 दशहरा वाला बाग इंदौर नाका सीहोर को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जिसे न्यायालय ने जेल भेजा। प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ एवं आए साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपीगणों की तलाश की जा रही है।










