बंगलूरू पुलिस ने कैफे में विस्फोट के संबंध में कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह धमाका शुक्रवार दोपहर एक बजे हुआ था।
बंगलूरू के राजाजीनगर स्थित रामेश्वरम कैपे में शुक्रवार दोपहर एक बजे भीषण धमाका हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। मामले में दावा किया जा रहा था कि रामेश्वरम कैफे में अज्ञात बैग रखा गया था, जिसके कुछ देर बाद जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे को लेकर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक सभी जांच पर नजर बनाए हुए हैं। अब गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। उसने इस घटना की जांच एनआईए को सौंप दी है।
यह है मामला
बंगलूरू पुलिस ने कैफे में विस्फोट के संबंध में कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह धमाका शुक्रवार दोपहर एक बजे हुआ था। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध शख्स दिखाई दिया है, जो कैफे के अंदर एक बैग रखता दिख रहा है। पुलिस का मानना है कि विस्फोट को अंजाम देने के लिए टाइमर के साथ एक आईईडी डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था।
बंगलूरू के रामेश्वरम कैफे धमाका मामले में 10 घायलों का इलाज जारी है। सभी घायल खतरे से बाहर हैं। जानमाल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। कर्नाटक पुलिस का बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए भाजपा एनआईए जांच की मांग कर रही है।
कौन हैं रामेश्वरम कैफे के मालिक?
राघवेंद्र राव एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जिन्हें खाद्य उद्योग में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह आईडीसी किचन के संस्थापक और प्रमोटर हैं। वह रामेश्वरम कैफे श्रृंखला में संचालन का नेतृत्व करते हैं।
वहीं, दिव्या राघवेंद्र राव चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद से वित्त और प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। वह रामेश्वरम कैफे के प्रबंधन और वित्त विभाग की प्रमुख हैं। इतना ही नहीं दिव्या को 12 से अधिक का कार्य अनुभव है। वह आईसीएआई की दक्षिण भारतीय क्षेत्रीय परिषद की बंगलूरू शाखा की प्रबंध समिति की सदस्य भी हैं।










