कभी यहां समंदर होता था… 60 सेकंड के Video में देखिए कैसे बनता गया हिमालय

कैसे बना हमारा हिमालय? ये समझने के लिए इससे बेहतर Video आपको कहीं नहीं मिलेगा. भारत एक द्वीप था. फिर वह आकर एशिया से टकराया. टक्कर से हिमालय का निर्माण हुआ. ये पूरी कहानी इस एक मिनट के वीडियो में आपको देखने को मिल जाएगी.

8.80 करोड़ साल पहले भारत एशिया की तरफ बढ़ता है. तब भारत के विशालकाय द्वीप था. उस समय दुनिया में टेक्टोनिक प्लेटें बहुत छोटी- छोटी होती थी. जब ये प्लेटें खिसकते हुए एकदूसरे से मिलीं, तो महाद्वीपों का निर्माण हुआ. भारत की प्लेट यूरेशियन प्लेट से आकर टकराई. इससे बेहद ज्यादा दबाव बना.

इस दबाव की वजह से ऊंची-ऊंची विशाल पर्वत श्रृंखलाएं बन जाती हैं. कहते हैं कि आज जहां हिमालय है. वहां पर पहले टेथिस नाम का समंदर होता था. यह समंदर गोंडवाना और अंगारलैंड के बीच मौजूद था. जब भारत यूरेशियन प्लेट से आकर टकराता है, तब समंदर खत्म हो जाता है. वहां पर दबाव की वजह से ऊंचे पहाड़ बन जाते हैं. 

हिमालय का बनना 4 से 5 करोड़ साल पहले शुरू हुआ था. भारत और यूरेशियन प्लेट की टक्कर से सबडक्शन नहीं हुआ. यानी कोई प्लेट नीचे नहीं धंसी. उस समय भू-भाग ऊपर उठने लगा. पश्चिम से पूर्व तक इसकी लंबाई करीब 2500 किलोमीटर है. इसका पश्चिमी किनारा नंगा पर्वत के पास सिंध नदी के उत्तरी मोड़ के पास मौजूद है.

इसका पूर्वी किनारा नामचा बरवा यानी यारलुंग त्संगपो (ब्रह्मपुत्र) नदी के पश्चिम में स्थित है.  हिमालय की चौड़ाई अलग-अलग जगहों पर अलग है. कहीं 150 किलोमीटर तो कहीं 350 किलोमीटर तक.

हिमालय लटका हुआ है भारत की तरफ कटोरे की तरह

कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक. हिमालय का 2500 km से लंबा इलाका. सिंधु घाटी के नंगा पर्वत से उत्तर-पूर्व के नामचा बरवा तक. अगर आप हिमालय को ऊपर से देखें तो आपको दिखेगा कि यह पूरी बेल्ट भारत की तरफ लटकी हुई है. यानी कटोरे जैसा.

 ये वही हिमालय है जहां पर 8 km से ऊंची दुनिया की 14 चोटियों में से 10 हैं. पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत यानी क्रस्ट के सिकुड़ने से हिमालय के पहाड़ बने. अगर हिमालय के उत्तर-पश्चिम की तरफ देखें तो हिंदूकुश, पामीर और नंगा पर्वत इलाके में क्रस्ट की मोटाई 75 km है. जम्मू और कश्मीर में 60 km है.
 

हिमाचल प्रदेश में मात्र 51 km है. यानी इस इलाके में आते-आते गहराई कम हो रही है. जबकि ऊंचे हिमालय और तिब्बत की तरफ क्रस्ट वापस 75 km गहरा है. यानी हिमाचल के बाद से नेपाल तक क्रस्ट के अंदर एक कटोरे जैसी आकृति बनी है. 

हिमालय दुनिया का सबसे युवा पहाड़ी इलाका

हिमालय दुनिया का सबसे युवा पहाड़ी इलाका है. इसका पूरा इलाका एक अर्धचंद्राकार आकृति में दिखता है. नंगा पर्वत के पास ऊंचाई 8114 मीटर है. जबकि नामचा बरवा के पास 7755 मीटर है. ऊपर चीन, तिब्बत है. नीचे गंगा के मैदानी इलाके हैं. असल में इंडियन टेक्टोनिक प्लेट हर साल 15 से 20 mm की गति से तिब्बतन प्लेट की तरफ बढ़ रहा है. 

जब जमीन का इतना बड़ा टुकड़ा किसी अपने से बड़े टुकड़े को धकेलेगा, तो कहीं न कहीं तो ऊर्जा स्टोर होगी. तिब्बत की प्लेट खिसक नहीं रही हैं. इसलिए दोनों प्लेटों के नीचे मौजूद ऊर्जा निकलती है. ये ऊर्जा छोटे-छोटे भूकंपों के रूप में निकलती है, तो उससे घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन यही ऊर्जा तेजी से निकलती है, तो आधे भारत, पूरे नेपाल, पाकिस्तान, चीन, म्यांमार तक असर देखने को मिल सकता है.  

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