हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद, किसानों के दिल्ली कूच से पहले सरकार का बड़ा फैसला

हरियाणा में किसानों के दिल्ली कूच को लेकर प्रदेश के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। संयुक्त किसान मोर्चे और 13 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा समेत 26 किसान संगठन दिल्ली कूच करेंगे।

हरियाणा: हरियाणा में किसानों के दिल्ली कूच को लेकर प्रदेश के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। संयुक्त किसान मोर्चे और 13 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा समेत 26 किसान संगठन दिल्ली कूच करेंगे। जिसे लेकर हरियाणा सरकार ने अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। बता दें कि सुबह 6 बजे से 13 फरवरी रात 11:59 बजे तक इन जिलों में इंटरनेट बंद रहेगा। इस दौरान ब्रॉडबैंड और लीज लाइन का इंटरनेट चलता रहेगा।
हरियाणा सरकार ने तर्क दिया कि CID के ADGP ने किसानों की तरफ से मार्च और प्रदर्शन की कॉल दी गई है। इससे तनाव, पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज और शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका है। इस दौरान इंटरनेट के जरिए भ्रामक जानकारी सर्कुलेट की जा सकती है। सोशल मीडिया फेसबुक, वॉट्सऐप, ट्विटर, SMS आदि के जरिए ऐसा न हो, इसलिए इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और किसान मजदूर मोर्चा समेत 26 किसान संगठन 13 फरवरी को दिल्ली कूच करेंगे। किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली कूच का ऐलान किया है। ऐलान के चलते हरियाणा पुलिस अलर्ट पर है। पंजाब के किसान 10 हजार ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर दिल्ली जाने के लिए हरियाणा में दाखिल होंगे। इसके लिए शंभू बॉर्डर, डबवाली और खनोरी बॉर्डर को चुना गया है। इसे देखते हुए पंजाब के किसानों को हरियाणा के रास्ते दिल्ली जाने से रोकने के लिए अंबाला में धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं शंभू बॉर्डर के पास पहले ही सीमेंट की बैरिकेडिंग और कंटीली तारें लगा दी गई हैं। अब प्रशासन ने यहां आज से घग्गर नदी के ऊपर बने ब्रिज को भी बंद कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक सोनीपत, झज्जर, पंचकूला के बाद कैथल में भी धारा 144 लगा दी गई है। पंजाब से चंडीगढ़ होते हुए किसान पंचकूला के रास्ते भी दिल्ली जाने के लिए हरियाणा में एंट्री कर सकते हैं। प्रदेश में किसानों को रोकने के लिए करीब 150 नाके लगाए गए हैं। जिससे आम लोगों की दिक्कतें भी बढ़ गई है, लोगों को अपने निजी काम के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में सफर करना पड़ता है। वहीं, किसानों के इस कूच के ऐलान के बाद से आम जनता भी परेशानी में है।

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