राजीव की छांह, 10 जनपथ से जुड़ाव… सोनिया गांधी के राज्यसभा के जरिए संसद जाने की एक वजह ये भी है!

सोनिया गांधी अपनी राजनीतिक यात्रा में आज से एक नए मोड़ पर हैं. सोनिया अब राज्यसभा होते हुए संसद में प्रवेश करने जा रही हैं. 5 बार की लोकसभा सांसद रहीं सोनिया चुनावी रणक्षेत्र की कद्दावर योद्धा रही हैं. लेकिन अब वो अपेक्षाकृत आसान रास्ता अपनाते हुए राज्यसभा से संसद में में जा रही हैं. क्या इसके पीछे लगभग 35 सालों से उनका आवास रहा 10 जनपथ भी एक वजह है?

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी अब संसद के उच्च सदन राज्यसभा में दिखेंगी. कांग्रेस ने पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को राज्यसभा के जरिये संसद भेजने का फैसला किया है. सोनिया अभी उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सांसद हैं. लेकिन अगले आम चुनाव 2024 से पहले पार्टी ने सोनिया को राजस्थान से राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.

माना जा रहा है सोनिया गांधी ने सेहत से जुड़े कारणों की वजह से लोकसभा की बजाय राज्यसभा से संसद जाने का फैसला किया है सोनिया अगर राज्यसभा से संसद जाती हैं तो वे अपने निवास के रूप में 10 जनपथ को कायम रख पाएंगी. बता दें कि 10 जनपथ में सोनिया गांधी लगभग 35 सालों से रहती आ रही हैं. राजीव गांधी साल 1989 में बतौर नेता प्रतिपक्ष के रूप में 10 जनपथ आए थे. सोनिया तभी से यहां रह रहीं हैं. 
हाल के दिनों में राहुल और प्रियंका दोनों को ही लुटियंस दिल्ली से अपना आधिकारिक आवास खाली करना पड़ा था. पिछले साल अप्रैल में राहुल गांधी की संसद सदस्यता जाने के बाद उन्हें अपना 12 तुगलक रोड वाला आवास खाली करना पड़ा था. बाद में सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल को ये बंगला वापस मिला था. लेकिन राहुल यहां नहीं आए. इसी तरह प्रियंका गांधी वाड्रा को भी सुरक्षा कारणों से आवंटित अपना बंगला 34 लोधी स्टेट खाली करना पड़ा था. ये बंगला 1997 में प्रियंका को सुरक्षा कारणों की वजह से दिया गया था. वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई ने इंडिया टुडे के लिए लिखे अपने एक लेख में कहा था कि सोनिया अभी पांच बार की सांसद (एक बार अमेठी, चार बार राय बरेली) हैं. हालांकि 2019 के बाद स्वास्थ्य और दूसरे कारणों की वजह सोनिया अपने संसदीय क्षेत्र में उतना सक्रिय नहीं रह पाईं जितना उन्हें रहना चाहिए था. 

रशीद किदवई कहते हैं कि प्रियंका गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने की संभावना और वहां से जीतने के चांसेज के बावजूद  10 जनपथ पर बने रहने से जुड़ीं चुनौति समाप्त नहीं हो जाती हैं. क्योंकि अगर प्रियंका जीत भी जाती हैं तो पहली मर्तबा सांसद बनने की वजह से वे 10 जनपथ जैसे वीवीआईपी लोकेशन पर आवास पाने की हकदार नहीं होंगी
इसिलए माना जाता है कि कांग्रेस ने सुरक्षित रास्ता अपनाते हुए सोनिया को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.बता दें कि 10 जनपथ, जनपथ रोड़ पर स्थित एक सरकार आवास है. नई दिल्ली में स्थित ये घर 15181 वर्ग मीटर में फैला हुआ है. इसके ठीक पीछे 24 अकबर रोड पर कांग्रेस पार्टी का मुख्यालय भी है. इसलिए भी 10 जनपथ कांग्रेस के लिए अहम है. इस आवास से सोनिया के लिए राजीव से जुड़ी यादें भी हैं.

जब वो भूत इस भूत को देखेगा, तो वो भाग जाएगा- राजीव गांधी

10 जनपथ में राजीव गांधी के शिफ्ट होने की कहानी कई रोमांचक किस्सों से भरी हुई है.वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई बताते हैं कि जब 1989 में राजीव यहां आ रहे थे कि सीपीडब्ल्यूडी के स्टाफ ने उन्हें यहां न आने की सलाह दी. ये वो स्टाफ थे जो दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के इन बंगलों की देख-रेख करते थे. कहा जाता है कि इन लोगों ने राजीव से कहा था कि इस बंगले में भूत है. तब उनके डर का समाधान करते हुए खुशमिजाज राजीव गांधी ने कहा था- जब वो भूत इस भूत को देखेगा, तो वो भाग जाएगा. 

10 जनपथ को लेकर कई तरह के अंधविश्वास थे. ऐसा कहा जाता था कि इसके अंदर दो कब्रें थीं. लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे संजय गांधी के लिए अपशगुन लाने वाला घर माना जाता था

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